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गायन प्रतियोगिता में बच्चों ने बांधा समां

Fri, 20 May 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
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रायबरेली अमर उजाला के कार्यक्रम में हुई गायन प्रतियोगिता में बच्चों ने जमाया रंग - फोटो : अमर उजाला
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एफजी कॉलेज के मैदान में चल रहे ‘अमर उजाला’ शॉपिंग फेस्टिवल में गुरुवार को गायन प्रतियोगिता में बच्चों ने समां बांधा। फिल्मी गीत गाकर बच्चों ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। ओ मां तू कितनी प्यारी है... और चुरा लिया तूने तुमने जो दिल को...गीत गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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एफजी कॉलेज के संयुक्त मंत्री अनुभव भार्गव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ‘अमर उजाला’ ने गायन प्रतियोगिता का आयोजन करके प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर दिया है। तहे दिल से ‘अमर उजाला’ के इस कदम का स्वागत करता हूं। अपेक्षा करता हूं कि ‘अमर उजाला’ आगे भी इस तरह के जन सरोकार के कार्य करता रहेगा।

सबसे पहले गायन प्रतियोगिता में नित्या पांडेय को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। नित्या ने-ओ मां तू कितनी प्यारी है...गीत सुनाना शुरू किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अनुराग ने- चुरा लिया है तूमने जो दिल को...गीत सुनाया।
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गिटार के जरिए गाए गए इस गीत ने सबको ओतप्रोत कर दिया। अनन्या ने-तेरे नाम पर जी लूं, तेरे नाम पर मर जाऊं... गीत प्रस्तुत किया। ऋचा शुक्ला ने-ओरे पिया...और अलंकृत गुप्ता, अंशिका गुप्ता ने- दहलीज पर मेरे दिल की जो रखे हैं तूने कदम... गीत प्रस्तुत करके धमाल मचाया।

अंशिका शुक्ला समेत अन्य प्रतिभागियों ने एक के बाद एक फिल्मी गीत प्रस्तुत करके पंडाल में बैठे लोगों को भावविभोर कर दिया। समाजसेवी अमिता खुबेले, पीएसी की संगीत टीचर शीला सोनी निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन श्याम सुंदर पांडेय ने किया। कार्यक्रम में लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

एफजी कॉलेज के संयुक्त मंत्री एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुभव भार्गव ने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने फेस्टिवल में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों को देखा और उन्हें सराहा भी। मुख्य अतिथि ने कहा कि रायबरेली जैसे शहर में इस तरह के आयोजन वाकई में अच्छा कदम है।

इससे एक ही स्थान पर देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति और उत्पाद से हम रू-ब-रू होने के साथ खरीदारी करते हैं। आगे भी अमर उजाला के इस तरह के कार्यक्रम के लिए जो भी सहयोग होगा, उसे पूरा किया जाएगा।

समाजसेवी अमिता खुबेले का कहना है कि ‘अमर उजाला’ की यह पहल काबिल-ए-तारीफ है। ऐसे आयोजन भविष्य में भी होने चाहिए। इससे स्थानीय लोगों को खरीदारी के लिए बेहतर विकल्प मिलते हैं। साथ ही विभिन्न प्रांतों के उत्पाद और संस्कृति की जानकारी लोगों को होती है।

वहीं पीएसी की संगीत टीचर शीला सोनी कहती हैं कि ‘अमर उजाला’ के कदम की सराहना की जानी चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम कम देखने को मिलते हैं। खासकर रायबरेली जैसे शहर में। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।
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