रायबरेली। राही ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकले भांव रजबाहा पर टूटे पुल की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। पुल के बनने से करीब 10 गांव के ग्रामीणों के अलावा अन्य मुसाफिरों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। यह पुल डेढ़ साल पहले ओवरलोड ट्रक निकलने से टूट गया था।
बाइक और चार पहिया वाहन चालकों को दो किमी चक्कर लगाकर गांव तक आना-जाना पड़ रहा है। रजबाहा पर बिजली के खंभे रखकर लोग पैदल जोखिम उठा रहे थे, लेकिन एक महीने पहले सिंचाई विभाग ने पर ह्यूम पाइप लगाकर आने-जाने की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। नए पुल निर्माण में करीब 40 लाख रुपये खर्च किया जाएगा।
भांव रजबाहा पर पलिया गांव के पुल बना था। पुल से माखा का पुरवा, मखनिया, बल्लू का पुरवा, गुलाब का पुरवा, पतई का पुरवा, पूरे ठकुराइन समेत 10 गांव के ग्रामीण आते-जाते हैं। पुल टूटने से इन गांव के लोग दो किमी. भांव गांव होकर रायबरेली-प्रयागराज हाईवे पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीण माता प्रसाद, रामदेव, देवनाथ, शिव आधार, अतुल प्रसाद, संजय यादव, रामकेवल ने बताया कि नहर के दूसरी छोर पर खेत हैं। खेत की जोताई, मड़ाई कराने के लिए दो किमी. का चक्कर काटकर वाहन लेकर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि जहां पुलिया टूटी है, वहां पर विद्यालय भी है। इससे कोई अनहोनी हो सकती है। इस समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता चेतन सक्सेना ने बताया कि नया पुल निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई है। बजट मिलने पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। पुल की जगह पर ह्यूम पाइप लगाकर आने-जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करा दी है।