रायबरेली। बड़ी क्रूरता के साथ बीएससी की छात्रा का कत्ल किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, वह क्रूरता की हद पार करने वाला है। छात्रा को जिंदा ही जलाया गया था। उसका शव इस कदर जलाया गया था कि महज कंकाल ही बचा था। चिकित्सकों की मानें तो जलने से ही छात्रा की मौत हुई। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र में बीएससी छात्रा की हत्या के बाद सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा की ओर से दो चिकित्सकों डॉ. राजेश गौतम, डॉ. अमित सचान के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की मानें तो हाथ-पैर बांधकर छात्रा को जिंदा जला दिया गया था। उसके शव में महज हड्डी बची थी।
यानि शव महज कंकाल था। ऐसे में जलने से ही उसकी मौत की पुष्टि हुई। दरिंदगी आदि की बात सामने नहीं आई। बिसरा को सुरक्षित कर लिया गया है। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल और पूरे परिवार की सबसे छोटी और दुलारी बिटिया की इंटर तक की पढ़ाई बछरावां के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हुई।
विज्ञान विषय से स्नातक करने के लिए रायबरेली के कठवारा स्थित महावीर डिग्री कॉलेज में एडमिशन लिया और बीएससी फर्स्ट ईयर व सेकंड ईयर में अच्छे नंबरों से पास हुई थी। थर्ड ईयर के तैयारी मेहनत के साथ कर रही थी। पिता ने बताया कि पान की गुमटी चलाकर पूरे परिवार का भरण पोषण करते हुए भी वह अपनी होनहार बिटिया की पढ़ाई के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ते थे।
जिन भी किताबों की जरूरत होती थी, उन्हें लाकर उसे देते थे। अधिकतर किताबें तो वह स्वयं ही विद्यालय की लाइब्रेरी से ही ले लेती थी। वह घर में सब से कहती थी कि लेक्चरर बन कर परिवार का नाम रोशन करेगी, लेकिन क्या पता था कि होनी को कुछ और मंजूर है और दरिंदे फूल सी मेरी गुड़िया को यू जलाकर मार डालेंगे।
एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मैंने अपने जीवन में रायबरेली के पावन भूमि पर इतना कू्ररतम कृत्य नहीं देखा। दोषी लोगों को पुलिस कठोरतम सजा दिलाए। उन्होंने महाविद्यालय में छात्रा को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही। उन्होंने पीड़ित परिवार को दुख सहने का साहस प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह ने शोक संतृप्त परिवार के घर जाकर ढांड़स बंधाया।