रायबरेली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी सहित अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए निविदा जारी करने में ही मनमानी की गई। मामला पकड़ में आने के बाद डीएम ने बीएसए शीवेंद्र प्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब तलब किया है। डीएम ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त करते हुए नए सिरे से कराने के आदेश दिए हैं।
जिले में 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं के लिए खाद सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, यूनिफॉर्म व स्टेशनरी आदि की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय करने की व्यवस्था है। बताते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पोर्टल पर बिड अपलोड कराने और विज्ञप्ति प्रकाशित कराने में मनमानी कर दी।
इस संबंध में जेम समेकित शासनादेश अंश का अनुपालन नहीं किया गया। मनमाने तरीके से टेंडर प्रक्रिया कराकर खेल करने का प्रयास किया गया। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद गरमा गया है। प्रथम दृष्टया जांच में मानकों की अनदेखी मिलने पर डीएम ने टेंडर को निरस्त कर कर दिया है। उन्होंने संशोधित टेंडर प्रकाशित कराने के साथ ही नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के आदेश दिए।
टेंडर प्रक्रिया में मानकों की अनदेखी के कारण उसे निरस्त करने के साथ ही नए सिरे से कराने के आदेश दिए गए हैं। बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- हर्षिता माथुर, डीएम