रायबरेली। बारिश में आई फ्लू का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी में मरीज बढ़े हैं। बृहस्पतिवार को सलोन सीएचसी में एसीएमओ व नेत्र सर्जन डॉ. शरद कुशवाहा ने ओपीडी कर मरीजों की आंखों का इलाज किया। लोगों को आंखों को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दी।
उन्होंने ओपीडी में 35 से अधिक मरीजों की आंखों की जांच की। इसमें 18 मरीजों में आईफ्लू की समस्या मिली। मरीजों को आंखों का ख्याल रखने की सलाह दी। डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि आई फ्लू के मरीजों की आंखों में जलन होती है। आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार होता है।
श्वसन तंत्र या नाक-कान या गले में किसी तरह के संक्रमण के कारण वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है। आंखें लाल होना। आंखों से पानी आना। आंखों में तेज जलन होना। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होना। आंखों में चुभन होना और सूजन आना आदि आई फ्लू के लक्षण हैं। ऐसा होने पर चिकित्सक की सलाह पर आंखों में दवा डालें।