आपूर्ति निरीक्षक निलंबित, एडीओ व सचिव पर भी होगी कार्रवाई
‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबरों पर राज्य खाद्य आयोग ने दिए बड़ी कार्रवाई के आदेश
- गौरा के दोनों कोटेदारों से वसूली व आईडी का दुरुपयोग करने वालों पर शिकंजा कसा
रायबरेली। राशन घोटाले से संबंधित ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबरों को उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग के अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव को डलमऊ के तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक के निलंबन के साथ ही दीनशाह गौरा के एडीओ (पंचायत) और सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
संबंधित कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही राशन की वसूली के आदेश दिए गये हैं। आईडी का दुरुपयोग करने वाले कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। ‘अमर उजाला’ में 29 नवंबर को ‘दिल्ली और मुंबई में रहने वालों के नाम पर डकार रहे राशन’ और 18 नवंबर को ‘मृतक महिला को एक साल से कोटेदार दे रहा था राशन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
जिसका संज्ञान लेते हुए राज्य खाद्य आयोग ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट तलब की थी। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की टीम ने दीनशाह गौरा ब्लॉक के मुरैठी गांव में प्रॉक्सी से राशन वितरण की जांच की थी। लोगों ने बयान दिया था कि दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, हिमांचल प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर वर्षों से रहने वाले लोगों को हर महीने राशन दिया जा रहा है।
जांच में पाया गया था कि एक साल से सूरत में रहने वाली बिटाना को भी अंत्योदय का राशन दिया जा रहा है। इसके अलावा तारावती, राजरानी, रेनू, मायादेवी, गीता देवी आदि को भी बाहर रहने के बाद भी राशन दिए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा अंबारा मथई में मृतक महिला के नाम से राशन वितरण किए जाने का मामला भी जांच में पकड़ में आया था।
जांच रिपोर्ट के बाद आयोग के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने डलमऊ तहसील के तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को निलंबित करने के आदेश प्रमुख सचिव को दिए हैं। इसके अलावा मुरैठी और अंबारा मथई के कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही राशन की वसूली के लिए कहा गया है।
दीनशाह गौरा के तत्कालीन एडीओ (पंचायत) और दोनों पंचायतों के सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्यवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग करने वाले कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा गया है।
राज्य खाद्य आयोग से रिपोर्ट मांगी गई थी। मामले में जांच कराकर रिपोर्ट भेजी गई थी। संबंधित कोटेदारों के खिलाफ मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई कर दी गई थी। आपूर्ति निरीक्षक को भी स्थानांतरित कर दिया गया था। आयोग का पत्र आने के बाद निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। - केएन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी