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पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति महज 25 फीसदी

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रायबरेली। लॉकडाउन से ही जिले भर के स्कूल-कॉलेज बंद चल रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को कक्षोन्नति दे दी गई। नया सत्र भी शुरू हो गया लेकिन स्कूलों में पढ़ाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। ग्रीष्मावकाश के बाद पहली जुलाई से स्कूल खुलने को लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति शुरू हो चुकी है लेकिन अभी तक महज 25 फीसदी किताबें ही मिल पाई हैं।
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जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित 2700 से अधिक विद्यालयों में लगभग ढाई लाख बच्चे पढ़ते हैं। इन सभी को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, यूनिफार्म, जूते-मोजे व स्कूल बैग आदि दिए जाते हैं। जिले को लगभग 20 लाख पाठ्य पुस्तकों की जरूरत पड़ेगी जिसके लिए कई चरणों में किताबों की आपूर्ति भी हुई है। फिलहाल अभी तक तकरीबन पांच लाख किताबें जिले को मिल चुकी हैं। इन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्रों और फिर वहां से विद्यालयों तक पहुंचाना है। इसके लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
विभागीय अफसरों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा किताबों की आपूर्ति हो जाए तो उन्हें विद्यालयों तक भेजने का कार्यक्रम तय किया जाए ताकि किताबें बार-बार न भेजनी पड़ें। किताबों की शत-प्रतिशत आपूर्ति जिले को मिल सके, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तक वितरण जैसे कार्यों को समय से पूरा करने के लिए प्रयास चल रहे हैं। समूहों के माध्यम से ड्रेस सिलवाई जाएंगी। पाठ्य पुस्तकें भी विद्यालयों तक इसी माह के अंत तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
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