रायबरेली। पिछले 12 दिनों से जारी कड़ाके की ठंड से लोगों को निजात मिली। धूप निकलने से गलन में कमी आई और जनजीवन सामान्य हो सका। लंबे समय बाद बाजारों में चहल-पहल लौटी है, जिससे व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान रही। वाहनों की रफ्तार में भी तेजी देखी गई, जो सर्दी के कारण काफी धीमी हो गई थी।
नए साल का पहले दिन लोगों के लिए धूप लेकर आया। पिछले 12 दिनों से कोहरा, धुंध और गलन से लोगों का हाल बेहाल था। पशु पक्षी तक परेशान हो गए थे। हर कोई सर्दी से बचने के उपाय करने में लगा था। खुलकर सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया था। किसान पाला पड़ने से परेशान थे। आलू और सरसों की फसल को फफूंद रोग लग गया है।
धूप निकलने से किसानों को भी फसल को सहेजने में मदद मिली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह राहत अस्थायी हो सकती है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में फिर से गलन भरी सर्दी वापसी कर सकती है। बृहस्पतिवार को तापमान में कमी नहीं दर्ज की गई, लेकिन धूप होने से सर्दी का असर कम रहा।
अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम रहा तो न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि हवा का दबाव कम होने से पाला और धुंध का असर कम हुआ है। इस कारण धूप निकली, लेकिन अगले दो दिन में फिर से कोहरा व गलन बढ़ने की संभावना है।
किसानों ने कीटनाशक का किया छिड़काव
हलोर। ठंड के बीच बृहस्पतिवार को धूप निकलने से किसान खुश दिखे। किसानों ने गेहूं की फसल में खाद व कीटनाशक दावाओं का छिड़काव किया। क्षेत्रीय किसान तेजभान सिंह, ओम प्रकाश, केशवानंद त्रिपाठी, मनीष शुक्ला, सतीश शुक्ला, श्रवण चौधरी, दीपू मिश्रा, रमाशंकर, बाबूलाल, शिव प्रसाद, राजकुमार, पंकज, बबलू, अमित, महादेव ने बताया कि धूप निकलने से पाला से राहत मिली है।