रायबरेली में शुक्रवार को डलमऊ गंगा नदी में स्थित पंप कैनाल में नई मोटरें चलाने से पहले नारियल
रायबरेली। डलमऊ पंप कैनाल में लगाई गईं पांच मोटरें और पंप शुक्रवार को चालू हो गए। इससे किसानों को सिंचाई की समस्या से बड़ी राहत मिली है। क्षमता के हिसाब से बिजली नहीं मिलने की वजह से पंप नहीं चल पा रहे थे। पावर कॉरपोरेशन और सिंचाई विभाग के अफसरों की खींचतान के चलते पंप की मोटरें शोपीस बनी थीं। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद विभाग के अफसर हरकत में आए पंप हाउस तक क्षमता के हिसाब से बिजली पहुंचाई।
डलमऊ गंगा नदी में पंप कैनाल लगा है। यहां से छोटी-बड़ी करीब 80 नहरों में पानी पहुंचता है। यहां लगे 20 पंप अपनी आयु पूरी कर चुके हैं। 30 करोड़ रुपये की लागत से सभी पंपों को बदलना है। अब तक पांच पंप और उनकी मोटरें लगी हैं, लेकिन इन पंपों को जरूरत के हिसाब से बिजली नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से मोटरें नहीं चल पा रहीं थीं। पंप और मोटरें पुरानी होने के कारण नहरों में क्षमता से पानी नहीं पहुंच पा रहा था और सिंचाई प्रभावित हो रही थी।
अमर उजाला ने 29 जून को पंप लगकर तैयार, पानी के लिए हो रहा बिजली का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस समस्या को उठाया था। की थी। खबर छपने के बाद पावर कॉरपोरेशन के अभियंताओं ने पंप हाउस तक क्षमता के हिसाब से बिजली पहुंचाई, इसके बाद पांच पंप चालू हो गए।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आनंद कुमार, अवर अभियंता भुरेंद्र मिश्रा ने नारियल फोड़कर पंप हाउस चालू कराया। भाकियू नेता प्रमोद पटेल ने बताया कि नए पंपों से ज्यादा पानी निकल रहा है। अब काफी हद तक किसानों को सिंचाई की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। सहायक अभियंता ने बताया कि पहले चरण में पांच मोटरों को लगाया गया है। शेष मोटरों को बदलने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।