एथलेटिक्स में खिलाड़ी सुधा सिंह की उपलब्धियां लगातार बढ़ती जा रही है। अर्जुन और लक्ष्मीबाई अवॉर्ड के बाद अब यश भारती सम्मान से भी नवाजा जाएगा। वहीं शानदार प्रदर्शन के दम पर रियो ओलंपिक 2016 में शामिल होने की हरी झंडी मिल गई है।
एथलेटिक्स में कैरियर संवारने के लिए सुधा सिंह ने वर्ष 2003 में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ जॉइन किया और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा। पानी और बाधा को पार कर दौड़ पूरी करने वाले स्टीपल चेज जैसे खेल में माहिर सुधा ने जीवन की दौड़ में भी किसी रुकावट को अपनी कामयाबी के आड़े नहीं आने दिया।
यही वजह है कि 13 साल की मेहनत के बाद उसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में मौका मिला। फिर एशियन गेम्स में भागीदारी की। एशियन गेम्स ने तो उसकी किस्मत ही बदल दी। वर्ष 2010 ग्वानझू में स्वर्ण पदक हासिल करके परिवार, जिला, प्रदेश और देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया।
उन्हें 2012 में अर्जुन अवार्ड के बाद लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसी दौरान 2016 के रियो ओलंपिक में शामिल होने के लिए मुहर लग गई। वहीं यूपी सरकार ने यश भारती सम्मान से नवाजने का फैसला करते हुए सुधा के कामयाबी के सफर में चार चांद लगा दिए।
बेटी के सम्मान की खबर से शिवाजी नगर स्थित आवास पर खुशी का माहौल है। सुधा के छोटे भाई मोनू कहते हैं कि अभी सभी लोग गांव गए हैं। यश भारती सम्मान से नवाजे जाने की सूचना मिलने के बाद सभी लोग लौटकर आ रहे हैं। पिता हरिनारायण सिंह, मां शिवकुमारी सिंह काफी खुश है।
सुधा सिंह की प्रमुख उपलब्धियां
1-शिमोगा में 2003 में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीसरा स्थान।
2-कल्लम में 2004 में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरा स्थान।
3-विजयवाड़ा में 2005 में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो रजत पदक।
4-चीन में 2005 में जूनियर एशियन क्रास कंट्री प्रतियोगिता में प्रतिभागिता।
5-गुवाहाटी में 2007 में नेशनल गेम्स में पहला स्थान प्राप्त किया।
6-भोपाल में 2008 में सीनियर फेडरेशन कप में पहला स्थान प्राप्त किया।
7-कोच्चि में 2008 में सीनियर ओपन नेशनल में पहला स्थान प्राप्त किया।
8-चीन में 2009 में एशियन ट्रैक एंड फील्ड में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
9-रांची में 2010 में सीनियर इंटर स्टेट में पहला स्थान प्राप्त किया।
10-कोच्चि में 2010 में सीनियर ओपन नेशनल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
11-चेन्नई में 2010 में सीनियर लेवल इंटरनेशनल मैराथन में पहला पुरस्कार।
12-रांची में 2010 में फेडरेशन कप में पहला स्थान हासिल किया।
13-पटियाला में 2010 में इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरा स्थान।
14-ग्वानझू में 2010 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया।