रायबरेली। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में करीब 50 हजार ऐसे वोटर मिले हैं, जिनके माता-पिता और उनकी उम्र में सवाल उठाने वाला अंतर मिला है। किसी की उम्र में 15 साल तो किसी की उम्र में 30 साल का अंतर है। ऐसे वोटरों को चिह्नित कर नोटिस देते हुए त्रुटियों को दूर कराने का काम शुरू कर दिया गया है। मतदाताओं को बीएलओ से मिलकर साक्ष्य देकर खामियों को दूर कराने का मौका दिया गया है। हालांकि, ऐसे वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं किए जाएंगे।
जिले में एसआईआर का काम चल रहा है। फाइनल ड्राफ्ट जारी करके वाले और आपत्तियां लेने के साथ ही 2.32 लाख वोटरों को नोटिस देकर सुनवाई का काम चल रहा है। जिले के सभी छह तहसील क्षेत्रों में 42 केंद्रों पर नोटिसों की सुनवाई हो रही है। एसआईआर के दौरान वोटरों के नाम और पते में त्रुटियां मिली हैं। इस प्रकार की खामियों को वोटरलिस्ट से दूर कराने के लिए नोटिस देने का काम शुरू किया गया है। अब तक 3.51 लाख वोटरों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। वोटरों को साक्ष्य देकर बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची में नाम और पते की त्रुटियों को दूर कराना होगा। यह काम आगामी छह मार्च तक चलेगा। जिले में 50 हजार ऐसे वोटर भी पकड़ में आए हैं, जिनकी उम्र और माता-पिता की उम्र में सवाल उठाने वाला अंतर मिला है। इन वोटरों को भी नोटिस देकर त्रुटियों को दूर कराने का काम शुरू किया गया है।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल को : एडीएम
एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने बताया आयोग ने एसआईआर में दावे और आपत्तियां लेने के लिए तारीख को बढ़ाकर छह मार्च कर दिया है। दावों और आपत्तियों का निपटान 27 मार्च तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नोटिसों के निस्तारण का काम भी तय समय में करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग से जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर एसआईआर का काम चल रहा है। करीब 50 हजार ऐसे वोटर मिले हैं जिनके माता-पिता और वोटरों की उम्र में कम अंतर है। ऐसे मामलों का भी निपटारा कराया जा रहा है।