जांच के बाद टीम लौट गई। लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के रुचिखंड 2-292 निवासी आशीष द्विवेदी (25) पुत्र अशोक कुमार खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी चलाता था।
24 दिसंबर 2014 को लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर हरचंदपुर कस्बे के पास आशीष द्विवेदी जली अवस्था में मृत पाया गया। जबकि उसका साथी मानवेंद्र घायल था।
इंजीनियर का शव इस कदर जला था कि उसका चेहरा पहचानने में नहीं आ रहा था। साथ ही बाइक भी जल गई थी। पुलिस ने आशीष को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।
परिवारीजनों ने आशीष की हत्या का आरोप लगाया था। साथ ही इस मामले की विवेचना सही न होने का आरोप लगाते हुए मामले को क्राइम ब्रांच लखनऊ स्थानांतरण कराया था।
इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। बुधवार को एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर पीके मिश्रा की अगुवाई में हरचंदपुर थाने पहुंची।
एसटीएफ ने घटनास्थल हरचंदपुर कस्बे का जायजा लिया। साथ ही इस मामले के विवेचक रहे तत्कालीन थानाध्यक्ष राम अवतार और थानेदार अरुण शुक्ला से घटना की बाबत जानकारी हासिल की।
थानेदार अरुण शुक्ला ने बताया कि आशीष द्विवेदी की मौत के मामले की जांच करने एसटीएफ की टीम यहां आई थी। जांच के बाद टीम लौट गई।