रायबरेली। आशा वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। सभी ने मुख्यमंत्री को संबोधित 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
जिलाध्यक्ष गीता मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 750 रुपये की कथित बढ़ोत्तरी के नाम पर आशाओं के साथ विश्वासघात किया है।
स्मार्ट फोन के नाम पर आशा बहनों की जासूसी की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यूनतम वेतन के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
जगतपुर सीएचसी की अध्यक्ष सरिता त्रिपाठी ने कहा कि सरकार ने कोविड सर्वे का भुगतान 1000 रुपये प्रतिमाह करने को कहा था। 21 माह काम लेने के बाद महज तीन माह का भुगतान किया।
शीला श्रीवास्तव, संगीता यादव, सरला श्रीवास्तव ने कहा कि न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा, मातृत्व अवकाश काम की सीमा तय की जाए। ममता पाल, सरिता त्रिपाठी व रोशन आरा ने कहा कि हम बिना थके लड़ने को तैयार हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनीता मिश्रा व संचालन शीला श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर रेखा, स्नेहलता, राधा राजपूत, कुसुम, रोशन, वैशाली व चंद्रावती मौजूद रही।