बढ़ती जनसंख्या और वाहनों की तादात से जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। जेल रोड स्थित क्रॉसिंग पर वर्ष 2013 में फ्लाईओवर को मंजूरी मिली तो मुसाफिरों को लगा अब जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
लेकिन सेतु निगम ने निर्माण शुरू कराने में दो साल लगा दिए। निर्माण शुरू हुआ तो ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से शहर की यातायात ध्वस्त चल रही है। जिस गति से काम चल रहा है, उससे नही लगता कि निर्माण जल्दी पूरा हो पाएगा।
जेल रोड पर रेल क्रॉसिंग पर 35.7 करोड़ से ओवरब्रिज बनवाया जा रहा है। इस फ्लाईओवर के निर्माण को वर्ष 2013 में शासन से हरी झंडी मिली थी। सेतु निगम को पुल के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया।
लेकिन निगम ने विभागीय कार्रवाई में ही दो साल बिता दिए। शासन की मंजूरी के बाद यदि अफसर तेजी दिखाते तो शायद अब तक 80 फीसदी काम पूरा हो गया होता।
अधिकारियों की उदासीनता से निर्माण कार्य देरी से शुरू हुआ। अब जेल रोड से आने वाले वाहनों को कैनाल रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा होते हुए सिविल लाइन भेजा जा रहा है।
पहले से ही व्यस्त रहने वाले इस चौराहे और मार्ग पर रूट डायवर्जन की वजह से ट्रैफिक और बढ़ गया है। ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों की वजह से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
सेतु निगम के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेश चंद्रा ने बताया कि विभागीय और कागजी कार्रवाई पूरी करने में समय लग गया।सितंबर-2015 में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। दिसंबर-2017 तक ओवरब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा।