रायबरेली। बछरावां के भाजपा विधायक रामनरेश रावत और दरोगा डीके राय के बातचीत के ऑडियो वायरल के मामले में बुधवार सुबह एसपी स्वप्निल ममगाई ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का दरवाजा बंद कराकर बीमार दरोगा के बयान दर्ज किए और उससे घटना की सच्चाई जानी। एसपी ने दरोगा को धैर्य बंधाया और कहा कि परेशान मत हो। न्याय होगा। गौरतलब है कि विधायक की धमकी के बाद मंगलवार को दरोगा डिप्रेशन में आने से बीमार हो गया था। इस पर दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सेहत में सुधार होने पर दोपहर करीब 12 बजे दरोगा डीके राय को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद एएसपी ने अपने कार्यालय में दरोगा के बयान दर्ज किए। एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि बीमार दरोगा से उनकी सेहत के साथ ही घटना की बाबत भी जानकारी ली गई है। एएसपी का कहना है कि भाजपा विधायक रामनरेश बाहर हैं। उनके यहां आने पर विधायक के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जल्द पूरे मामले की जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी।
विधायक जी की ज्यादती सहन-सहन करते थक गया था। इसलिए आवाज उठाना जरूरी था। किसी को भी बेइज्जत करना विधायक के लिए आम बात है। हर कार्य में दखल दिया जाता है। सहन भी करने की एक क्षमता होती है। यहां तो हद हो गई थी। अमर उजाला से बातचीत में जिला अस्पताल में भर्ती दरोगा ने कुछ इसी तरह अपनी बात कही। कहा मुझे मेरे पुलिस अफसरों पर पूरा भरोसा है कि मेरे साथ न्याय होगा।
लखनऊ के उतरेठिया की रहने वाली महिला बुधवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी को दिए पत्र में महिला ने कहा कि दरोगा डीके राय ने उसके पति को फर्जी मामले में जेल भेज दिया। बचाने के नाम पर 20 हजार भी रुपये लिए। विधायक के कहने पर दरोगा ने 18500 रुपये वापस कर दिए थे। इसके बाद भी दरोगा उसका उत्पीड़न कर रहा था। एसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिया।
शिवगढ़ ब्लॉक परिसर में बुधवार को ग्राम प्रधानों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा शिवधायक रामनरेश रावत को समर्थन दिया। कहा कि पुलिस बिना पैसे लिए कोई कार्य करना नहीं चाहती। वाहन चेकिंग से लेकर फर्जी मुकदमों तक में बिना धन लिए कोई कार्य नहीं करती है। शासन की मंशा के विपरीत वर्तमान में पुलिस कार्य कर रही है।
भाजपा सरकार की छवि खराब करने के लिए इस तरीके के कूटरचित कार्य किए जा रहे हैं। आम आदमी परेशान है। ऐसी स्थिति में यदि जनप्रतिनिधि उससे कुछ कहता है तो मुकदमे का दबाव बनाया जाता है। जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह का पुलिस का रवैया है तो आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा। इस मौके पर प्रधान संघ अध्यक्ष विनोद सिंह, सतेंद्र सिंह भदौरिया, पवन सिंह, हनुमान सिंह आदि मौजूद रहे।