रायबरेली। समाजवादी पार्टी ने दो पुराने दिग्गजों पर फिर से भरोसा जताया है। पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता के दबाव के बावजूद ऊंचाहार से मौजूदा विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय को तीसरी बार टिकट देकर हैट्रिक बनाने का मौका दिया गया है।
सरेनी से पूर्व विधायक व पूर्व एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को टिकट मिला है। इन दोनों दिग्गजों और पुराने चेहरों पर भरोसा जताने के साथ सपा ने हरचंदपुर से भाजपा के राकेश सिंह के खिलाफ पूर्व विधायक शिवगणेश लोधी के बेटे राहुल लोधी पर दांव लगाया है। टिकट वितरण में साफ संदेश है कि पुराने और नए चेहरों के सहारे चुनावी वैतरणी को पार लगाया जा सकता है।
ऊंचाहार विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर 2012 और 2017 में डॉ. मनोज कुमार पांडेय विधायक चुने गए। दोनों बार पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद के बेटे उत्कृष्ट मौर्य हारे।
हार-जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा। साल 2022 के चुनाव का ऐलान होते ही स्वामी प्रसाद भाजपा छोड़ सपा में आ गए। इससे ऊंचाहार सीट पर स्वामी या फिर उनके बेटे उत्कृष्ट मौर्य की दावेदारी बढ़ गई। दोनों दिग्गज चर्चा में आए कि आखिर कौन ऊंचाहार से चुनाव लड़ेगा।
आखिरकार सोमवार को सपा मुखिया ने डॉ. मनोज कुमार पांडेय के टिकट पर मुहर लगाकर ऊंचाहार से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि यहां से भाजपा और बसपा किस उम्मीदवार पर दांव लगाती है।
हरचंदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने लोधी बहुल क्षेत्र में पूर्व विधायक शिवगणेश लोधी के बेटे राहुल लोधी पर दांव लगाया है।
खास बात यह है कि 2017 के चुनाव में कांग्रेस के राकेश सिंह ने भाजपा से उम्मीदवार रहे शिवगणेश लोधी की बहू कंचन लोधी पत्नी राहुल लोधी को हराया था।
कांटे की टक्कर में राकेश सिंह को 65,104 और कंचन लोधी को 61,452 वोट मिले थे। हार-जीत का अंतर महज 3652 रहा।
इस बार राकेश सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुकाबले सपा ने कंचन लोधी के बजाय उनके पति राहुल लोधी को मैदान में उतारा है। यहां बसपा तीसरे स्थान पर रही। इस बार हरचंदपुर सीट पर चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद है।
सरेनी विधानसभा सीट से सपा ने पुराने दिग्गज देवेंद्र प्रताप सिंह को टिकट दिया है। इस सीट से कई और लोग टिकट के दावेदार थे, लेकिन उन पर जिताऊ होने का विश्वास नहीं किया गया।
वैसे तो देवेंद्र प्रताप सिंह कई बार एमएलसी और विधायक रहे। साल 2012 में देवेंद्र प्रताप सिंह ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 61,666 मत पाकर विजयी हुए थे।
बसपा के सुशील कुमार 48,747 वोट पाकर रनर रहे। साल 2017 में यहां से धीरेंद्र बहादुर सिंह भाजपा से चुनाव लड़े और 65873 मत पाकर विजयी हुए।
इस चुनाव में भी बसपा से ठाकुर प्रसाद चुनाव लड़े और 52,866 मत पाकर रनर रहे। अब देखने वाली बात यह होगी कि यहां से भाजपा के सिटिंग विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ही चुनाव लड़ते हैं या फिर कोई और। अभी तक भाजपा ने इस सीट पर उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। (संवाद)