रायबरेली। शहर रोडवेज के बस स्टेशन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल में विकसित करने का काम शुरू हो गया है। निर्माण एजेंसी ने कॉलम खड़ा करने के लिए मिट्टी की जांच शुरू करा दी है। जमीन में करीब 50 मीटर नीचे तक मिट्टी को जांचा जा रहा है। जल्द ही काम शुरू होने वाला है।
बस स्टेशन पर ही नया निर्माण कराकर ग्राउंड फ्लोर पर बस स्टेशन और ऊपर दो मंजिला मल्टीप्लेक्स मॉल बनाया जाएगा। पीपीपी मॉडल के स्टेशन का काम मोहनलालगंज की राजलक्ष्मी इंटरप्राइजेज को दिया गया है।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टेशन सुल्तानपुर, फतेहपुर, कानपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और राजधानी लखनऊ से सीधे जुड़ा है। दिल्ली, हरिद्वार सहित अन्य बड़े रूटों पर भी यहां से बसों का संचालन होता है। शहर के बीच होने के कारण यहां जाम की समस्या रहती है। परिसर बड़ा होने के बाद भी व्यवस्थित ढंग से निर्माण न होने के कारण जाम की समस्या रहती है।
कई महानगरों से सीधे जुड़े होने के कारण अब स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर संवारा जाएगा। शासन स्तर से काम एक एजेंसी को देने के बाद काम शुरू हो गया है। पहले चरण में पूरे परिसर में मिट्टी जांच मशीन से शुरू कर दी गई है। कई मंजिला भवन बनने के कारण बेस को बेहतर रखने के लिए मिट्टी की जांच कराई जा रही है। परिसर में कई स्थानों पर जांच का काम पूरा भी हो चुका है। जल्द ही निर्माण का काम शुरू होगा।
ट्रिपल पी मॉडल स्टेशन में मिलेंगी ये सुविधाएं
पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल में बस स्टेशन का निर्माण निजी कंपनी करेगी। बस स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। एसी हाल, एटीएम, बूथ, आरओ पेयजल, डीलक्स शौचालय, पार्किंग सुविधा, कैफेटेरिया, पूछताछ केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ग्राउंड फ्लोर पर बस स्टेशन रहेगा। ऊपर दो मंजिला मल्टीप्लेक्स मॉल बनेगा। मॉल में होटल के साथ ही खाने-पीने और शॉपिंग की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। एक साथ 50 बसें स्टेशन पर खड़ी की जा सकेंगी।
पीपीपी मॉडल का बस स्टेशन बनना है। संबंधित एजेंसी ने मिट्टी की जांच शुरू करा दी है। काम के दौरान बसों का संचालन जारी रखने के लिए अस्थायी स्टेशन के संचालन के लिए स्थल का चयन किया जा रहा है। जल्द ही काम शुरू होगा।
- दिनेशचंद्र श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक