प्राथमिक विद्यालय की दीवार पर टंगे टीएलएम।
अंबेडकरनगर। सरकारी स्कूलों को लेकर अक्सर संसाधनों की कमी का रोना रोया जाता है, लेकिन जब शिक्षक में जुनून हो तो अभाव भी आड़े नहीं आता। जिले के शिक्षक ने इसी सोच को सच कर दिखाया है। एक शिक्षक ने किताबों के स्थान पर टीएलएम से जोड़ा, माडल पेपरों से बच्चों का भविष्य संवारा।
बेसिक शिक्षा विभाग के हुनरमंद युवा शिक्षक अपने हुनर और नवाचार की बदौलत भविष्य के होनहार तराश रहे हैं। जलालपुर तहसील के हाजीपुर निवासी स्नेहलता जलालपुर के प्राथमिकी विद्यालय वाजिदपुर से 2019 में शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नवानगर में स्थानांतरण हुआ। उस समय विद्यालय की हालत बहुत की खराब थी। सहायक अध्यापक स्नेहलता ने खुद और लोगों के सहयोग से वर्ष 2024 में स्मार्ट क्लास की स्थापना के साथ सीसी कैमरे लगवाए। बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ ही सरलता से पढ़ाने के लिए स्कूल की अन्य शिक्षिकों के सहयोग से 300 टीएलएम (शिक्षक सहयोगी सामग्री) भी बनवाई। नतीजा यह रहा है कि पिछले सात वर्षों में इनके विद्यालय के चार बच्चों का जवाहर नवोदय और 13 बच्चों का अटल आवासी विद्यालय में चयन हुआ।
-
उपस्थिति बढ़ाने को बुलावा टोली का गठन
विद्यालय में बच्चों की कमी न होने पाए इसके लिए क्षेत्र में पहले से ही पांच साल के बच्चोंं को चिह्नित कराया जाता है। इसके बाद दिसंबर और जनवरी माह के बीच उन घरों में जाकर अभिभावकों से संपर्क करती हैं। पढ़ाई के साथ ही बच्चों में खेल प्रतिभा निखारने के लिए विद्यालय के बगल खाली सरकारी जमीन को ग्रामीणों की अनुमति के बाद खेल मैदान के रूप में विकसित किया। प्राथमिक विद्यालय जहांगीरगंज द्वितीय की सहायक अध्यापक सीमा मौर्या बच्चों को भौतिक वातावरण से जोड़ते हुए खेल-खेल में और कविता और कहानी के अनूठा माध्यम ने बच्चों के पढ़ाने का तरीके माध्यमिक शिक्षा विभाग में चर्चा विषय बना है।
प्राथमिक विद्यालय की दीवार पर टंगे टीएलएम।