फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: डेंगू के छह राेगी मिले

Fri, 26 Sep 2025 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली

सार

रायबरेली में डेंगू के छह नए मरीज मिलने के बाद संख्या 15 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों के घर पहुंचकर जांच कर रही हैं। सतर्कता और समय पर इलाज की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
खीरों सीएचसी में ​स्थापित डेंगू व एईएस वार्ड का निरीक्षण करते जिला मलेरिया अ​धिकारी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रायबरेली। जिले में जुकाम, बुखार के साथ ही डेंगू ने पांव पसार दिया है। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच डेंगू के छह नए मरीज मिलने के बाद संख्या बढ़कर 15 हो गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमाें ने मरीजों के घर पहुंचकर जांच की। रोगियों के परिवारों के 45 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
विज्ञापन


प्रयोगशाला की जांच में खीरों के सराय मोहम्मद खानपुर खुष्टी निवासी आयुष (17), महराजगंज के पूरे मधई कुबना निवासी शुभम (12), शहर के राना नगर निवासी श्रद्धा (22), हरचंदपुर के चौहनिया निवासी अरकान (22), मिलएरिया क्षेत्र के राज नगर निवासी अंश (25), सरेनी के पूरनपुर निवासी सरला (54) डेंगू संक्रमित मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के घर पहुंचकर जांच की।

इसके अलावा जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र श्रीवास्तव ने खीरों सीएचसी में डेंगू व एईएस के मरीजों को भर्ती करके इलाज के लिए बनाए गए वार्ड का निरीक्षण किया। जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के बाद लोग एहतियात बरतें। दिक्कत होने पर अस्पताल पहुंचकर जांच व इलाज कराएं।
विज्ञापन



ये लक्षण हों तो जांच जरूर कराएं

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि डेंगू के लक्षण होने पर जांच जरूर कराएं। लक्षणों में साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। तेज बुखार भी आता है।



डेंगू से बचने के लिए यह करना जरूरी

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम ने बताया कि डेंगू से बचने का सबसे बड़ा उपचार मच्छरों से बचना है। घर के आसपास पानी एकत्र न होंने दे, क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। किसी को भी लक्षण प्रतीत हों तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें। समय से इलाज शुरू होने से मरीज आसानी से स्वस्थ हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें