सरेनी (रायबरेली)। रिश्तेदारी में जाने के लिए सड़क के किनारे खड़े होकर टेंपो का इंतजार कर रही भाभी और ननद को सोमवार को डंपर ने रौंद दिया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। मामा-भांजे हादसे में बाल-बाल बच गए।
सरेनी के बरुआ बाग मजरे रमईपुर कला गांव निवासी आलोक कुमार (22) पुत्र शिवनाथ अपनी भाभी नीतू (39) पत्नी अशोक कुमार व बहन अंजू (25), नौ माह के भांजे पिंक के साथ सेमरी में रिश्तेदारी में जाने के लिए दोपहर 12 बजे सरेनी-सेमरी मार्ग पर पहुंचे थे। तीनों पूरे शीतलहन मजरे धूरे गांव के आगे सड़क के किनारे खड़े होकर टेंपो का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान सरेनी से सेमरी की तरफ जा रहा बेकाबू डंपर भाभी-ननद को रौंदते हुए आगे निकल गया। दोनों की मौके पर जान चली गई। आलोक और उनका नौ माह का भांजा बच गया। सरेनी थाना प्रभारी शिवाकांत पांडेय ने बताया कि आलोक की तहरीर पर अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चालक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डंपर को सीज कर दिया गया है।
चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया
नीतू की मौत से चार बच्चों के सिर से मां का साया छिन गया है। नीतू के चार बच्चे पूजा, प्रिंशी, प्राची और पिंक हैं। पति अशोक कुमार मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। नीतू घर पर रहकर बच्चों का पालन पोषण करती थीं। उनकी मौत से बच्चे गमगीन हैं।
पहले पति, अब पत्नी की चली गई जान
अंजू की मौत ने सभी को रुला दिया है। जब अंजू का बेटा बाबू महज नौ दिन का था, तब 2024 में उनके पति का निधन हो गया था। एक साल भी नहीं बीता कि अब अंजू की सड़क हादसे में मौत हो गई। अंजू की शादी उन्नाव जिले के बिजलामऊ गांव में हुई थी। अंजू की मौत से परिजन गमगीन हैं। कह रहे हैं कि भगवान यह सब कैसे हो गया। गनीमत रही कि अंजू का नौ माह का बेटा भाई आलोक की गोद में था। इससे वह बच गया।