रायबरेली-डलमऊ। तहसील डलमऊ में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बेलखा साहब की रहने वाली अमृता देवी कड़ी धूप में फरियाद सुनाने के लिए कतार में लगी थीं। तभी क्षेत्रीय लेखपाल को देख चिल्लाकर बोली, हमारे 40 हजार रुपये वापस करो। यह सुनकर आसपास लोगों में अफरातफरी मच गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और डीएम के सामने ले गईं।
फरियादी अमृता ने बताया कि लेखपाल ने उससे भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए 40 हजार रुपये लिए थे। 10 महीने बीतने के बाद कब्जा नहीं मिला। इस पर डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने कड़ी फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए। डीएम की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में 63 लोग फरियाद लेकर पहुंचे। इसमें सात लोगों की समस्याओं का समाधान हो सका।
एसपी रवि कुमार ने भी लोगों की शिकायतें सुनीं और निस्तारण के लिए टीमें गठित करने का निर्देश दिया। तहसील से जब डीएम-एसपी बाहर निकलने लगे, तो कड़ी धूप में लाइन में लगे लोगों ने घेर लिया। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह लोगों को संभाला।
चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत
लालगंज। समाधान दिवस में खीरों क्षेत्र के दुकनहा गांव निवासी फौजी चंद्रभान कुशवाहा के परिजनों ने भूमि पर किए गए कब्जे को हटवाने की मांग की। चांदा गांव निवासी व राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव जितेंद्र सिंह ने गांव के चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की। एसडीएम राजेश श्रीवास्तव ने 35 लोगों की फरियाद सुनी। पांच शिकायतों का निस्तारण किया।
दोबारा पैमाइश करने का दिया निर्देश
ऊंचाहार। एडीएम वित्त एवं राजस्व सहदेव मिश्रा ने लोगों की शिकायत सुनीं। भिखनापुर गांव निवासी माताफेर मिश्रा ने बताया कि 14 वर्ष से तहसील के चक्कर काटने के बाद लेखपाल दो माह पहले जमीन की पैमाइश करने पहुंचे लेकिन गलत पैमाइश की और रिपोर्ट लगा दी है। एडीएम ने जमीन की दोबारा पैमाइश करवाने का निर्देश दिया है। समाधान दिवस में आईं 45 शिकायतों में तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। इसी तरह सलोन, महराजगंज और सदर तहसील में हुए समाधान दिवस में अधिकांश लोगों की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाया।
पांच बार कर चुके शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
रायबरेली। डीह ब्लॉक बरुआ मजरे बरगदाही गांव के दीनदयाल, हरिओम विश्वकर्मा, बीरेंद्र यादव आदि सलोन तहसील में शनिवार को छठवीं बार पहुंचे। आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने 12 वर्ष पुरानी सरकारी नाली को तोड़कर खेत में शामिल कर लिया। घरों में पानी भर रहा है। पांच बार शिकायत की है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। नाली न बनने से घरों से निकला पानी रास्ते में भरा रहता है। शिकायत पर हर बार फर्जी रिपोर्ट लगा दी जा रही है।