बैंकों के बाहर सिपाही तक तैनात किए जाने में मनमानी की जा रही है। अंबेडकरनगर जिले में 28 दिसंबर को यूनियन बैंक के सामने बीड़ी कंपनी के मैनेजर और मुनीम से 37.5 लाख रुपये की लूट की घटना ने एक बार फिर बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पर ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार को शहर की तीन बैंकों की सुरक्षा की पड़ताल की तो इसकी हकीकत सामने आ गई। चौहान मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक व एटीएम के पास कोई सुरक्षा कर्मी नही तैनात दिखे। ग्राहक लेनदेन करके आते जाते रहे। गल्लामंडी स्थित भारतीय स्टेट बैंक व एटीएम के पास भी कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं दिखी।
यह हाल तब रहा, जब यहां पर हर दिन लेनदेन के लिए ग्राहकों की भीड़ रहती है। लोग आते जाते रहे, लेकिन सुरक्षा का तामझाम नहीं दिखा। हाथी पार्क स्थित बीओबी बैंक व एटीएम के पास कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं दिखा। यही नहीं सदर कोतवाली पुलिस के सिपाही भी नहीं दिखे। बैंक और एटीएम से लोग जमा निकाली करके आते जाते रहे।
सदर तहसील क्षेत्र के शाहपुर गांव के कृष्ण कुमार, चिकसंगरिया गांव के अशोक कुमार, प्रगतिपुरम कॉलोनी निवासी मुन्ना कुमार, शहजादा कोठी निवासी गोपाल श्रीवास्तव कहते हैं कि बैंकों में ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता नहीं बरती जाती। बैंक के अंदर तो गार्ड तैनात रहते हैं, लेकिन बाहर गार्ड या फिर पुलिस के सिपाही नहीं तैनात होते हैं।
ऐसे में बैक से धन निकालने के बाद ही अक्सर देखा गया है कि लूट की घटनाएं हो रही हैं। इसलिए जरूरी है कि बैंकों के बाहर भी गार्ड तैनात किए जाएं। एसपी श्रीकांत सिंह का कहना है कि बैंकों की सुरक्षा को लेकर ध्यान दिया जाता है। समय-समय पर बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की जाती है।
जिसमें सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। साथ ही समस्त थानेदारों से बैंकों की सुरक्षा पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। थानों में तैनात सिपाहियों की ड्यूटी भी बैंकों की सुरक्षा में लगाई जाती है। पुलिस की ओर से ड्यूटी में मनमानी की जा रही तो कार्रवाई की जाएगी।