करीब एक घंटे बाद पहुंची शिक्षिकाओं को स्कूल में घुसने नहीं दिया। उन्हें स्कूल के बाहर ही खड़ा रखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बीएसए को फोन पर देकर उनके मौके पर पहुंचने के बाद ही स्कूल का ताला खोलने की चेतावनी दी।
पढ़ाई ठप होने से अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे बीएसए ने तीनों शिक्षिकाओं को कड़ी चेतावनी देकर ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद स्कूल का ताला खुला और पढ़ाई शुरू हुई।
हंगामा देखकर तमाम बच्चे घर लौट गए। परिषदीय स्कूलों में सुबह नौ बजे पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए। लेकिन रोज की ही तरह मंगलवार को भी पूर्व माध्यमिक स्कूल खालिकपुर कला में सुबह साढे़ नौ बजे तक शिक्षिकाएं नहीं पहुंचीं।
इस पर अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। ग्राम प्रधान बहादुर, स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष नागेंद्र कुमार, दुर्गाशंकर बाजपेयी समेत 50 से अधिक अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर गेट पर ताला जड़ हंगामा करना शुरू कर दिया।
करीब सवा 10 बजे शिक्षिका वंदना, शालिनी व अनुदेशिका मधु स्कूल पहुंची तो आक्रोशित अभिभावकों ने तीनों को स्कूल में घुसने नहीं दिया।
अभिभावकों ने इसकी सूचना बीएसए को दी और मौके पर उनके पहुंचने के बाद ही स्कूल का ताला खोलने की चेतावनी दी। सूचना पर बीएसए मौके पर पहुंचे।
अभिभावकों ने बीएसए को शिक्षिकाओं की मनमानी की जानकारी दी। मामले में बीएसए ने तीनों शिक्षिकाओं को कड़ी चेतावनी दे दी। साथ ही तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा।
कार्रवाई के बाद अभिभावकों का गुस्सा शांत हुआ, और कई घंटे बाद स्कूल का ताला खोला गया। हंगामे को देखकर कई बच्चे घर लौट गए।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक और शिक्षिकाएं समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। अभिभावकों द्वारा ध्यान न देने के कारण इनकी मनमानी बढ़ती ही जा रही है।
समय से स्कूल न पहुंचने पर शिक्षकों की मनमानी को रोकने के लिए बीएसए के मोबाइल नंबर 9453004175 पर सूचना दी जा सकती है।
इसके अलावा जल्द ही हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जा रहा है। हेल्पलाइन के लिए दूरसंचार निगम से दो नंबरों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
बताया कि पूर्व माध्यमिक स्कूल खालिकपुर कला में शिक्षिकाएं 10 बजे के बाद पहुंची। अभिभावकों की सूचना पर मौके पर पहुंचकर शिक्षण कार्य आरंभ कराया गया। शिक्षिकाओं को कठोर चेतावनी दी गई है।
अन्य कार्रवाई के लिए जवाब मांगा गया है। समय से स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षक व शिक्षिकाओं पर कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।