रायबरेली। जिले के स्कूल संचालकों ने 15 अक्तूबर से दो पालियों में कक्षाएं चलाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले कुछ दिन कक्षा 10 और 12 के छात्रों को बुलाया जाएगा। इसके बाद नौ और 11 के छात्रों की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।
मार्च महीने में देशभर में लॉकडाउन घोषित किया गया, तो स्कूल-कॉलेजों और कोचिंग संस्थाओं में ताले लग गए। अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षिक सत्र में एक भी दिन कक्षाएं नहीं चल सकीं। भले ही अनलॉक में स्कूल-कॉलेजों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए थोड़ी छूट मिल गई हो, लेकिन बच्चों को अनुमति नहीं मिली।
अब शासन ने अनलॉक-5 के तहत चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने की गाइडलाइन जारी की है। विद्यालयों के संचालकों और अभिभावकों का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई अब पटरी पर लौटेगी। शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए स्कूल संचालकों ने रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
बच्चों को स्कूल भेजने से पहले माता-पिता या अभिभावक को लिखित सहमति देनी होगी। स्कूल-कॉलेजों में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को पूरा करना होगा। इसी कारण विद्यालयों में सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग तथा अन्य निर्देशों का पालन कराने के सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
एसजेएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक रमेश बहादुर सिंह कहते हैं कि कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कमरों की संख्या पर्याप्त है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि अभिभावकों को सहमति पत्र भेेजे जा रहे हैं।
न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक शशिकांत शर्मा ने कहा कि दो शिफ्टों में स्कूल चलाएंगे। विबग्योर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य मथुरा प्रसाद वर्मा ने कहा कि सुरक्षा संबंधी सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कक्षा 9,10,11 व12 के बच्चों को अलग-अलग शिफ्टों में बुलाएंगे।
दुर्गा इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रबंधक मीना शुक्ला ने कहा कि सोशल डिस्टेंस के साथ फर्नीचर व्यवस्थित कराए जा रहे हैं। सैनिटाइजेशन का काम 13 अक्तूबर को कराएंगे। प्रार्थना नहीं होगी।
वीणा पाणि इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रज्ञा शर्मा ने कहा कि छह महीने से लगातार ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन बहुत अच्छे नतीजे नहीं मिल पा रहे हैं। विद्यालय खोले जाने का फैसला स्वागत योग्य है। सभी दिशा-निर्देशों का पूरा पालन कराया जाएगा।
अभिभावकों में स्कूल खोलने का फरमान आने के बाद उत्साह है। अभय कुमार शर्मा, राम अवध मौर्य ने कहा कि स्कूल खुलने से पढ़ाई का वास्तविक माहौल बनेगा। बच्चों को सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ स्कूल भेजेंगे।
राधेश्याम वर्मा, रजनी यादव, ललित त्रिवेदी ने कहा कि सभी सुरक्षा उपायों के साथ स्कूलों का खोला जाना बहुत जरूरी है, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरीके से प्रभावित हो गई है। बोर्ड परीक्षाओं में भी समय कम बचा है।
एसबी सिंह, आकांक्षा श्रीवास्तव, मान सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव संबंधी समस्त उपायों को अपनाकर विद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया जाना सही है। यह फैसला स्वागत योग्य है। आनलाइन कक्षाओं से पढ़ाई में आने वाली दिक्कतें भी दूर होंगी।
इस संबंध में प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से पहले ही कहा गया था, ताकि सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के साथ अभिभावकों से लिखित सहमति ले सकें। विद्यालयों में कोविड-19 के प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सिर्फ 50 प्रतिशत बच्चों को ही एक समय में बुलाया जाएगा। -डॉ. चंद्रशेखर मालवीय, डीआईओएस।