महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के संतोषपुर जनई गांव में शनिवार शाम प्राथमिक स्कूल के प्रसाधन की छत भरभराकर ढह गई। इससे प्रसाधन के पास खेल रहे एक छात्र की मलबे में दबकर मौत हो गई। साथ में खेल रहे अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद उसे जिला अस्पताल भी पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के संतोषपुर जनई गांव निवासी भोला का बेटा आलोक (12) गांव के ही प्राथमिक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। स्कूल में छुट्टी के बाद आलोक और गांव के अन्य बच्चे शाम करीब पांच बजे स्कूल स्थित प्रसाधन के पास खेल रहे थे।
इसी दौरान प्रसाधन की छत भरभराकर ढह गई। इससे आलोक मलबे में दब गया। अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। बच्चे भागकर घर पहुंचे और घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आनन-फानन छात्र आलोक को मलबे से निकालकर सीएचसी अमावां और फिर जिला अस्पताल पहुंचाया।
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी का कहना है कि प्रसाधन की छत ढहने के चलते छात्र आलोक की मौत हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।
ग्राम प्रधान जीत बहादुर सिंह का कहना है कि प्राथमिक स्कूल का प्रसाधन अभी कुछ माह पहले ही बना था। इसे मानक के अनुरूप नहीं बनाया गया था। मसाले के रूप में बालू का अधिक प्रयोग किया गया था।
इसी वजह से प्रसाधन की छत ढह गई, जिससे मलबे में दबकर छात्र आलोक की मौत हो गई। गनीमत रही कि अन्य बच्चे भी वहीं खेल रहे थे, जो बाल-बाल बच गए। इस मामले की जांच होनी चाहिए।