रायबरेली। सलोन तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी सई नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। ऐसे में यदि इस बार बाढ़ आई तो 1200 लोगों को गांव से शहर आना जाना मुश्किल हो जाएगा। वजह पिछली बार मजदूरी न मिलने के कारण नाविकों ने नाव लगाने से इंकार कर दिया है।
डीह ब्लॉक क्षेत्र के कंचनावा गांव के पास से सई नदी निकली है। पिछले वर्ष नदी में उफान आने पर पूरे पासिन, पूरे अहिरन, पूरे गोडियन के ग्रामीणों का आना-जाना बंद हो गया था। तहसील प्रशासन ने नाव लगवाई थी।
साथ ही नाविकों को भी तैनात किया था और इन नाविकों ने 22 दिन तक नदी में नाव चलाई थी, लेकिन इनको आज तक मजदूरी नहीं दी गई। नाविक रामप्रसाद, डब्लू, रामशंकर व कमलेश ने कहा कि मजदूरी नहीं मिली है।
इस बार नाव कतई नहीं चलाएंगे। इसी तरह सलोन ब्लॉक क्षेत्र के तरकोल मजरे बघौला गांव भी सई नदी भी बाढ़ की चपेट में आया था। यहां के लोगों को आने जाने के लिए भी नावें लगाई गई थी। चार नाविकों की तैनाती की गई थी।
यदि सई नदी में बाढ़ आई तो इन गांवों के करीब 1200 लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कंचनावा के ग्राम प्रधान मेवालाल और बघौला ग्राम प्रधान हरिमोहन ने बताया कि मजदूरी न दिए जाने से नाविकों में नाराजगी है।
इसके बारे में कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया, लेकिन आज तक नाविकों को मजदूरी नहीं दी गई। इससे नाविकों ने नाव लगाने से मना कर दिया है। सई नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
उधर, एसडीएम सलोन आशीष सिंह का कहना है कि नाविकों को मजदूरी न मिलने की जानकारी हुई है। जल्द नाविकों की मजदूरी दिला दी जाएगी। बाढ़ आने पर नाविकों की तैनाती भी कर दी जाएगी।