बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की करीब 25 शाखाओं में मंगलवार को ताले लटक गए। इससे लेन-देन ठप रहा। सुबह लेन-देन करने पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ा।
वजह बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। स्टाफ की हड़ताल के चलते इसका खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ा। करीब 25 करोड़ रुपये का लेन-देन नहीं हो सका।
आक्रोशित कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय में जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। साथ ही बैंक के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।
ऑल इंडिया रीजनल रू रल ग्रामीण बैंक एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को हड़ताल का आह्वान किया गया था। जिले की 89 बैंक शाखाओं में से 25 शाखाओं के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
कामकाज ठप करके सभी सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय पर एकत्र हुए। यहां बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के महामंत्री रमेश मिश्र के नेतृत्व में धरना दिया।
प्रबंधन और सरकार के रवैये के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। इसके बाद बैंक के अध्यक्ष केआर कनौजिया को 11 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
हड़ताल की वजह से बैंकों में पूरे दिन ताला लटकता रहा। इससे जमा-निकासी व अन्य काम से आए 25 हजार से अधिक लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बैंक आने पर उन्हें मायूसी हाथ लगी।
रायबरेली रीजन के जनरल सेक्रेटरी और आल इंडिया रीजनल रूरल ग्रामीण बैंक एसोसिएशन के महामंत्री शरीफ ने कहा कि मांगें पूरी न हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर अविनाश, अजीत मेहरोत्रा, जितेंद्र सिंह, रजी अहमद, पंकज मिश्रा, आदित्य मिश्रा मौजूद रहे। क्षेत्रीय कार्यालय बेलीगंज के सीनियर मैनेजर एसके दीक्षित ने बताया कि हड़ताल से करीब 25 करोड़ रुपये का लेन-देन नहीं हो सका।