जायस (रायबरेली)। अमेठी जिले के बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूरे तेजी मजरे ओदारी गांव में जलभराव से बेघर हुए ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय पर डेरा डाल दिया। शुक्रवार और शनिवार वहीं उन्होंने खाना बनाया और खाया, उसके बाद प्रदर्शन किया।
कहा कि दो महीने पहले इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्राम विकास अधिकारी ने गलत रिपोर्ट लगाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ राजेश कुमार शर्मा ने गांव पहुंच कर हकीकत देखी। उन्होंने जलनिकासी की समस्या को दूर कराने के लिए नाली खोदवाने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई सालों से जिस रास्ते से बारिश का पानी निकलता था, वह जलनिकासी बंद होने से घरों में पानी भर गया है। पिछले साल जलभराव से उषा पत्नी फूलचंद का मकान गिर गया था।
इस साल जलभराव से बचने के लिए ग्रामीणों ने ब्लॉक के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार की रात लगातार हुई बारिश से पानी लोगों के घर में भर गया। किसी तरह ग्रामीणों ने पंपिंग सेट लगाकर निकलवाया।
बुधवार की रात फिर बारिश होने से किसान सेना के जिला कमांडर रामलखन की अगुवाई में रामकिशुन, रामनाथ, विजय मौर्या, जानकी, दिलासा, ऊषा, उर्मिला, हमीदुन, रामावती, सुमेरा, सुनाथा, बैजनाथ ने अपना घर छोड़कर शुक्रवार को ब्लॉक कार्यालय में डेरा डाल दिया।
यहां पर ईंट का चूल्हा बनाकर खाना पकाया और खाया। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे घरों में पानी भरा है, जिससे घर गिरने की कगार पर है। जलभराव से घर आने जाने का रास्ता बाधित है।
इसकी सूचना ग्राम विकास अधिकारी को दी, लेकिन उन्होंने जलनिकासी की व्यवस्था करने के बजाय झूटी रिपोर्ट लगाकर आला अधिकारियों को भेज दी। इस बाबत सीडीओ अमेठी प्रभुनाथ ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या का समाधान जल्द ही किया जाएगा। इसके लिए तिलोई एसडीएम को निर्देशित किया गया है।