अव्यवस्थाओं और मैनपावर की कमी से जूझ रहे रोडवेज में जान डालने की बजाय उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम यात्रियों पर किराए का बोझ बढ़ाता जा रहा है।
अधिक किराए का यह भार एक बार फिर यात्रियों के सिर मढ़ दिया गया है। प्रति 40 किलोमीटर पर एक रुपया अधिक किराया देना होगा।
इसका सीधा असर प्रतिदिन यात्रा करने वाले 20 हजार यात्रियों पर पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की यात्रा पर पड़ेगा।
रायबरेली डिपो की 135 बसों से हर रोज करीब 20 हजार मुसाफिर सफर करते हैं। रायबरेली डिपो के एआरएम ने बताया कि अब हर 40 किलोमीटर पर एक रुपया अधिक किराया देना होगा।
इसके तहत जो यात्री 40 से 80 किलोमीटर के बीच यात्रा करते हैं, तो उन्हें एक रुपया अधिक किराया देना होगा। इसी प्रकार 80 से 120 किलोमीटर यात्रा करने वाले यात्री दो रुपये अधिक देंगे।
इस राशि से यात्रियों का पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा होगा। वहीं निगम के इस निर्णय से प्रतिदिन सफर करने वाले यात्रियों पर किराए का बोझ बढ़ गया है।
जबकि सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है। बसों का किराया बढ़ाए जाने से मुसाफिर और लोग खफा है।
दैनिक यात्री लल्लन त्रिपाठी, बृजेश सिंह, सीताराम, अवधेश कुमार, विवेक सिंह व गया प्रसाद यादव आदि ने कहा कि निगम बसों का किराया बढ़ाने में कोई गुरेज नहीं कर रहा है।
यात्रियों की जेब पर भार बढ़ाता जा रहा है, लेकिन अफसर सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। चलने के लिए खटारा बसें दी जा रही हैं, जो आए दिन रास्ते में खराब हो जाती हैं।
डिपो में पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। किराया बढ़ाने के साथ यात्रियों की सुविधा को लेकर भी जोर दिया जाए तो बेहतर हो।
रायबरेली डिपो के एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि निगम की ओर से अपने मुसाफिरों को बीमा दिया जा रहा है। यदि सड़क दुर्घटना में बस सवार किसी यात्री की मौत होती है तो निगम की ओर से उसके परिवारीजनों को पांच लाख रुपये की बीमाराशि दी जाएगी।
बशर्ते हादसे के समय बस सवार यात्री के पास निगम का टिकट होना चाहिए। हर 40 किलोमीटर पर किराए के साथ एक रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे।