प्रदेश सरकार ने पहले गरीबों की बेटियों को कन्या विद्याधन दिया और अब इंटरमीडिएट की टॉपर छात्राओं को यह लाभ देने का प्रयास किया है।
रॉयन इंटरनेशनल स्कूल से इंटर की परीक्षा पास भाव्या त्रिवेदी को भी कन्या विद्याधन देने के लिए चयनित किया गया। लेकिन भाव्या इसे ठुकराते हुए कन्या विद्याधन लेने से इंकार कर दिया है।
छात्रा ने लिखकर दिया है कि उसे कन्या विद्याधन की जरूरत नहीं है। उसके स्थान पर किसी पात्र व गरीब छात्रा का चयन करके उसे योजना का लाभ दिया जाए।
प्रदेश सरकार की मंशा पर जिले में यूपी बोर्ड के अलावा सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के 1,268 टॉपर छात्राओं को कन्या विद्याधन देने के लिए चुना है।
हालांकि पूर्व में सरकार ने दो साल तक यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाली गरीबों की बेटियों को ही कन्या विद्याधन दिया। अब मेधावी छात्राओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है।
कन्या विद्याधन की सूची में रॉयन इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा व शहर के प्रभू टाउन निवासी सराफा व्यवसायी प्रदीप कुमार की बेटी भाव्या त्रिवेदी ने कन्या विद्याधन लेने से इंकार कर दिया है।
इंटरमीडिएट पास करने के बाद भाव्या लखनऊ में कोचिंग कर रही है। उसने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को लिखकर दे दिया है कि उसे इस लाभ की आवश्यकता नहीं है।
योजना का लाभ उसे दिया जाए जो वास्तव में इसके लिए पात्र है और जिसे इसकी आवश्यकता है। भाव्या व उसकी मां गीता त्रिवेदी ने बताया कि आर्थिक रूप से मजबूत हैं, इसलिए कन्या विद्याधन की जरूरत नहीं है।
जिसे वास्तव में जरूरत हो उसे इसका लाभ दिया जाए। डीआईओएस डॉ. विनय मोहन ने बताया कि रॉयन इंटरनेशनल स्कूल से इंटरमीडिएट पास छात्रा भाव्या त्रिवेदी ने कन्या विद्याधन लेने से इंकार किया है।
स्कूल के माध्यम से उसका पत्र भी आ गया है। उसके स्थान पर दूसरी छात्रा का चयन करके उसे योजना का लाभ दिलाया जाएगा।