रायबरेली। जिले में हुई बारिश से रविवार को सड़कें डूब गईं। शहर हो या फिर गांव, हर तरफ जलभराव से लोग परेशान रहे। बारिश का पानी घरों में घुसने के कारण सामान खराब हो गया। लोग स्वयं घरों से पानी निकालते नजर आए। बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।शनिवार रात से शुरू बारिश रविवार देर शाम तक रुक-रुककर होती रही।
बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी शहरवासियों को उठानी पड़ी। नगर क्षेत्र के 34 मोहल्लों में जलभराव रहा। सोनिया नगर, नया पुरवा, आजाद नगर, निराला नगर, सत्य नगर, आचार्य द्विवेदी नगर, कहारों का अड्डा, घोसियाना, मटिहा रोड समेत अन्य स्थानों पर जलभराव रहा। सत्यनगर निवासी नीरज शुक्ला, पंकज, मुन्ना गुप्ता, सतीश श्रीवास्तव, सतीश मिश्रा, राजेंद्र शुक्ला, सोनिया नगर निवासी अर्जुन पासवान, प्यारेलाल, हमीद ने बताया कि बारिश का पानी घरों में घुस गया है। इससे गृहस्थी का सामान खराब हो गया। स्वयं पानी निकासी करनी पड़ रही है।
ईओ स्वर्ण सिंह ने बताया कि मड पंप और इंजन से पानी निकासी कराई जा रही है। बछरावां प्रतिनिधि के मुताबिक दैजुवा खेड़ा, राजामऊ, कुर्री समेत 15 गांवों में बारिश के चलते जलभराव रहा। ग्रामीण राजन, अजय, अभिषेक, सुरेश ने बताया कि ऐसे में घर से निकलना मुश्किल है। हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक हलोर, पुरासी, अलीपुर, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद, मझिगवां, बारी गोहन्ना में बारिश हुई। जलभराव होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) फुरसतगंज के मौसम विभाग के मुताबिक जिले में 60 मिमी बारिश हुई।
दुकानदारों ने नाव चलाकर जताया विरोध
लालगंज (रायबरेली)। बारिश के कारण लालगंज कस्बे में जलभराव हो गया। खासकर मेन रोड से सराफा मंडी रोड और गुरुबख्शगंज चौराहे से लेकर डाकघर तक पानी भर गया। जलभराव से परेशान दुकानदारों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। रबर बोट में बैठकर नाराजगी जताई। दुकानदारों ने हाथ में झाड़ू थाम रखी थी। व्यापारी गोपालजी गुप्ता ने कहा कि अगर बरसात से पहले नालियों की मरम्मत और सफाई करा दी जाती तो जलभराव न होता। व्यापारी पंकज गुप्ता, शिवम, अंशु गुप्ता, कृष्ण गुप्ता ने जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की मांग की।
छप्पर समेत गिरी दीवार, बचे लोग
परशदेपुर। बंगला मजरे फागूपुर गांव निवासी सागर परिवार समेत घर के बाहर बैठे थे। तभी कच्ची दीवार छप्पर समेत भरभराकर गिर गई। घर के बाहर बैठे होने से सागर और उनका परिवार बच गया। सागर ने बताया कि छप्पर रखकर किसी तरह परिवार समेत रहता था। प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पाया है।