धार्मिक नगरी अयोध्या से जुड़ने वाला छतोह-गांधीनगर मार्ग रायबरेली के कांटा गांव के पास जलभराव की गंभीर समस्या से ग्रस्त है। हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीणों को कीचड़ भरी सड़क पार करनी पड़ रही है या वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
लाखों की लागत से बनी नाली से भी राहत नहीं मिली क्योंकि निकासी का प्रावधान ही नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में पीडब्ल्यूडी विभाग ने भारी अनियमितता की है। आक्रोशित ग्रामीणों ग्राम प्रधान आलम नवाज, सोनू सिंह, राजेश तिवारी, कालिका सिंह, लालता प्रसाद और सुनीता देवी ने गुरुवार को विरोधस्वरूप सड़क पर भरे पानी में धान की रोपाई कर दी।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग अयोध्या जाने वाले कई गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग है और बच्चों के स्कूल आने-जाने का एकमात्र रास्ता भी है। जलभराव और कीचड़ के चलते बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं और बुजुर्ग, महिलाएं, मरीज सभी परेशान हैं।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने आधा-अधूरा नाली निर्माण कर उसे खुला छोड़ दिया है, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही। यह समस्या बरसात में और विकराल हो सकती है। भाजपा विधायक अशोक कुमार ने बताया कि अधिशासी अभियंता से बात कर समस्या की जांच और समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।