फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना इलाज कराए लौटे 1600 रोगी

Mon, 05 Oct 2015 10:50 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
महज एक ही डॉक्टर का कक्ष खुला रहा, बाकी डॉक्टरों के कक्षों में ताले लटके रहे। ऐसे में इलाज के लिए पहुंचे 1600 रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


डॉक्टरों का इंतजार कर रहे ज्यादातर मरीज थकहार कर लौट गए। जिन रोगियों के पास रुपये थे, उन्होंने अपना इलाज प्राइवेट नर्सिंग होम में कराया।

जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। कई डॉक्टरों का तबादला हो गया है। तो तैनात डॉक्टरों को अन्य कार्यों में लगा दिया जाता है।

लेकिन रोगियों का ख्याल किसी को नहीं रह गया है। रविवार की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल खुला तो रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को 1600 रोगियों ने अस्पताल काउंटर पर परचा बनवाया।

पहले पर्चा बनवाने में रोगियों को पसीना बहाना पड़ा और जब इलाज के लिए पहुंचे तो डॉक्टरों के कक्ष पर ताले लटकते मिले। फिजीशियन डॉ. बीरबल ही कक्ष में बैठकर इलाज करते नजर आए।
विज्ञापन


एक ही डॉक्टर से इलाज कराने के लिए रोगियों में मारामारी मची रही। इलाज न होने से अधिकतर रोगियों को बैरंग लौटना पड़ा। कुछ रोगियों ने इमरजेंसी में इलाज कराया तो जिनके पास रुपये थे, उन रोगियों ने प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराया। आए दिन अस्पताल की व्यवस्था खराब होती जा रही है, लेकिन अफसर इस पर ज्यादा गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन


सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना था कि जिला अस्पताल में तैनात रहे कई डॉक्टरों का तबादला हो गया है। डॉ. जेके लाल की इमरजेंसी ड्यूटी थी।

जबकि डॉ. सलीम की रक्तदान शिविर में ड्यूटी लगाई गई थी। डॉ. बीरबल ने कक्ष में बैठकर रोगियों का इलाज किया। डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है। समस्या दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें