जिले में पिछले चौबीस घंटे के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक झमाझम बारिश हुई। शुक्रवार रात से शुरू बारिश शनिवार को दिनभर रुक-रुककर होती रही।
बारिश से पारा जहां धड़ाम हो गया, वहीं जलभराव लोगों के लिए आफत बन गया। सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आने जाने में दिक्कतें पेश आईं। कई लोग तो गिरकर चोटिल हो गए।
छात्र-छात्राओं को स्कूल भीगकर आना जाना पड़ा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 11 मिमी वर्षा हुई।
महीने के द्वितीय शनिवार की छुट्टी के कारण सरकारी दफ्तर तो बंद रहे, लेकिन स्कूल-कॉलेज खुले रहे। इससे छात्र-छात्राओं को भीगते हुए स्कूल जाना-आना पड़ा। कई छात्र-छात्राओं ने बारिश से बचने के लिए छाते का प्रयोग किया।
हालात ये रहे कि बारिश बंद होती और कुछ देर बाद फिर शुरू हो जाती। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने लोगों को परेशान किया। बारिश के कारण ज्यादातर लोग घरों में कैद रहे। जो लोग निकले, वह भीग गए।
बारिश से अधिकतम पारा एकाएक चार डिग्री लुढ़क गया। शुक्रवार को ये 35 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शनिवार को 31 डिग्री दर्ज हुआ। इधर बारिश के कारण जलभराव से लोग जूझते नजर आए।
शहर में इंदिरा नगर, रानानगर, आचार्य द्विवेदी नगर, जिला अस्पताल चौराहा, बस स्टेशन आदि स्थानों पर जलभराव रहा। देहात क्षेत्रों में मुंशीगंज, महराजगंज, बछरावां, खीरों, सलोन, डीह आदि में जलभराव से लोग गिरकर चोटिल भी हुए।
एक तरफ लो जलभराव से जूझते रहे, वहीं जलनिकासी की व्यवस्था के लिए विभागीय अफसर, कर्मचारी आगे नहीं आए। इससे लोगों में नाराजगी रही।