रायबरेली। जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने गुणवत्ता के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। दो और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणपत्र मिला है। इसके साथ ही इस साल जिले के आठ आरोग्य मंदिरों को यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। पहली बार एक वर्ष में जिले के सबसे अधिक आरोग्य मंदिरों को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिला है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश सिंह ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर कुंदनगंज ने 87.50 प्रतिशत और इसौली ने 85.57 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। इससे पहले पिछले महीने रसूलपुर, चुरुवा, सेहंगो, गंगागंज, किलौली और कपूरीपुर के आरोग्य मंदिरों को भी एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिल चुका है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन के दौरान आरोग्य मंदिरों में 12 प्रमुख कार्यक्रमों और विभागों के तहत व्यवस्थाओं की जांच की गई। मानकों पर खरा उतरने वाले केंद्रों को प्रमाणपत्र के साथ जल्द ही प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी। इस राशि का इस्तेमाल संबंधित आरोग्य मंदिर की सुविधाओं को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।
इन सुविधाओं पर मिला पुरस्कार
आरोग्य मंदिरों में अतिक्रमण न होना, जलभराव से मुक्ति, ढकी हुई नालियां, मुख्य सड़क से केंद्र तक पहुंच मार्ग, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, हर्बल गार्डन, कचरे का उचित निस्तारण, जलापूर्ति और अग्नि सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं देखी गईं। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और उनके क्रियाशील होने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की संतुष्टि और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया।
आठ केंद्रों को मिला सम्मान
सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि जिले में अब तक आठ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिल चुका है। एक वर्ष में इतने अधिक केंद्रों को यह सम्मान पहले कभी नहीं मिला। अन्य आरोग्य मंदिरों की व्यवस्थाओं को भी बेहतर कराया जा रहा है, ताकि उन्हें भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतारा जा सके। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी।