रायबरेली। पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी का असर बाजार में दिख रहा है। कपड़े से लेकर परचून सामग्री तक के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
लोगों को खानपान के अलावा कपड़े खरीदने के लिए जेब ज्यादा हल्की करनी पड़ रही है। जानकार बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से ऐसा हुआ है। रमजान के बावजूद बाजार में चहल पहल नहीं दिख रही है।
व्यापारी कानपुर, लखनऊ, दिल्ली से कपड़े, परचून, कापी-किताब व स्पोर्ट्स आदि का सामान मंगाते हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगे हुए ट्रांसपोर्ट से 15 से 20 फीसदी महंगाई बढ़ी है।
रमजान माह शुरू होने के बाद शहर के प्रमुख बाजार सुपर मार्केट, घंटाघर, विशंभर मार्केट, कैपरगंज व जिला अस्पताल चौराहा आदि जगहों पर लोगों की भीड़ कम दिख रही है।
दाम कम नहीं हुए तो और बढ़ेगी महंगाई
ट्रांसपोर्टर मिलन गुप्ता व सुरजीत सिंह कहते हैं कि हम लोग कानपुर और लखनऊ से परचून सामग्री का ट्रांसपोर्ट करते हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से 10 से 15 फीसदी भाड़ा महंगा हो गया है। जिससे कपड़े व परचून सामग्री के दाम भी बढ़ गए हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम कम न हुए तो दामों में और इजाफा होगा, जिसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
बाजार में नहीं दिख रही चहल पहल
कपड़ा व्यापारी प्रकाश हसानी कहते हैं कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से कपड़ा 15 से 20 फीसदी महंगा हो गया है। रमजान माह में भी बाजार में चहल पहल नहीं दिख रही है।
स्पोर्ट्स दुकानदार ओमप्रकाश मिश्रा, कॉपी-किताब दुकानदार विकास कहते हैं कि लोग दाम महंगा बताने पर खरीदारी में आनाकानी करते हैं। अब उन्हें कैसे समझाऊं कि हम लोगों की भी मजबूरी है, क्योंकि ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है। स्कूूली ड्रेस के कारोबारी सागर गुप्ता कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी है।