ऊंचाहार (रायबरेली)। एक बेटा सीओ तो दूसरा बेटा गाजियाबाद की कंपनी में इंजीनियर है, लेकिन गरीबों का राशन डकारने में पीछे नहीं रहे। पीएसी के जवान का परिवार भी हर माह गरीबों का राशन ले रहा था।
अब शिकंजा कसा तो रातोंरात अपात्र बनकर कार्ड निरस्त कराने की गुहार लगाने लगे। आपूर्ति कार्यालय में रोजाना राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की लाइन लग रही है।
राशन कार्ड को लेकर सरकार की सख्ती के बाद सालाना लाखों रुपये की इनकम के बावजूद अपात्र बने लोगों की कलई खुल गई।
आपूर्ति कार्यालय में कार्ड निरस्त कराने के लिए पात्र से अपात्र बनने वालों की लाइन लगी हुई है। तहसील क्षेत्र के किसुनदासपुर गांव निवासी जटाशंकर बाजपेई ने आपूर्ति कार्यालय में कार्ड संख्या-215840758352 को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
बताया कि उनका एक बेटा मध्य प्रदेश के सतना में सीओ है, तो दूसरा बेटा गाजियाबाद की एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर है। इसके बावजूद वह लगातार चार यूनिट का राशन उठा रहे थे।
वहीं दूसरे मामले में गांव तहसील क्षेत्र की रोझइया भीखमशाह गांव की सरला देवी ने पति के भारतीय सेना में नौकरी करने की बात कहकर राशनकार्ड 215840654010 को निरस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
जगतपुर ब्लॉक के कल्यानपुर सुरजई गांव की शिवपती ने बेटे तुंगनाथ के पीएसी में तैनात होने की बात कही और राशन कार्ड निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दिया।
पचखरा गांव के शिवकुमार ने भाई के वायुसेना में होने की वजह से अपात्र होने की बात कही है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि अब तक कार्ड निरस्त करने के लिए 300 से अधिक आवेदन पत्र आए हैं।
अपात्र होने के बावजूद राशन लेने वाले लोग जल्द से जल्द कार्ड निरस्त करा लें, अन्यथा सत्यापन के दौरान अपात्र पाए जाने पर उनसे वसूली की जाएगी।