पहले दिन जिला अस्पताल चौराहा स्थित ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री के मेडिकल स्टोर समेत दवा की चार दुकानों पर छापेमारी की गई। इससे नाराज मेडिकल स्टोर संचालकों ने जमकर विरोध किया।
दुकानें बंद करने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई की चेतावनी के बाद दुकानें बंद नहीं हो सकी। विरोध और हंगामे के बीच चार दवाओं के नमूने भरे गए।
तीन दुकानों पर फार्मासिस्ट न मिलने के कारण दुकानों के लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी गई है। दुकानों पर क्रय-विक्रय दस्तावेजों का रखरखाव नहीं मिला।
साथ ही कैशमेमों भी नहीं मिला। छापेमारी के दौरान हड़कंप मचा रहा। डीएम सूर्यपाल गंगवार के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा की टीम ने जिला अस्पताल चौराहा पर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री संतोष पांडेय की दुकान पर मौके पर फार्मासिस्ट नहीं मिला। छापे के दौरान संतोष मेडिकल स्टोर, चौहान मेडिकल स्टोर और तृप्ति मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं मिला।
क्रय-विक्रय दस्तावेजों का रखरखाव सही नहीं मिला। ग्राहकों को बिल भी नहीं दिए गए। केवल अनुराग मेडिकल स्टोर पर ही फार्मासिस्ट छापे के दौरान मिला।
टीम के पहुंचते ही मेडिकल स्टोर संचालकों ने जमकर विरोध किया। स्थिति यहां तक आ गई कि दवा की दुकानें बंद करना शुरू कर दिया। कार्रवाई का दबाव बढ़ने के बाद दुकानें खोली।
पुलिस की मौजूदगी के कारण संचालकों की एक भी नहीं चल सकी। चारों मेडिकल स्टोरों से एक-एक दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
फार्मासिस्ट न मिलने पर संतोष, चौहान व तृष्टि मेडिकल स्टोर के संचालकों को नोटिस दिया गया है। फार्मासिस्ट न रहने पर लाइसेंस को निलंबित करने की चेतावनी दी गई है।
मुख्य औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। बड़ी गड़बड़ी मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालकों पर एफआईआर की जाएगी।