इसके अलावा दो अन्य मुकदमों में भी दुकानदारों पर 12 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। सभी को एक महीने में जुर्माने की धनराशि को जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
समय से जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली के आदेश दिए गए हैं।एफएसडीए की टीम ने अभियान चलाकर नमूने भरे थे। जांच में नमूने फेल पाए गए थे।
नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीएम प्रशासन एससी चौधरी के न्यायालय में दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा किया गया था।
मुकदमों की सुनवाई करते हुए एडीएम ने डलमऊ क्षेत्र के संतपुर भरसना गांव निवासी दूधिये बालेंद्र सिंह पर 20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
जांच में नमूने में मिलावट मिली थी। इसी तरह खीरों निवासी अजीत कुमार की दुकान ने लिया गया खड़ा नमक का नमूना फेल आने के कारण उस पर भी 20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
डीह निवासी अजीत कुमार के यहां से भरा गया धनिया का नमूना फेल होने के कारण उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
रामगंज, जमुनिया डीह निवासी चंद्रशेखर की दुकान से लिए गए पेडे़ के नमूने के फेल आने पर उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि दुकानदारों को एक माह में जुर्माने की धनराशि को जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर तहसील से वसूली कराई जाएगी।