रायबरेली। जाली दस्तावेज से आधार कार्ड बनाने के मामले में आरोपी शहबाज आलम और उसके साथी भागे हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापा मारा है, लेकिन अभी कोई पकड़ में नहीं आया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने दूसरे जनपदों में ठिकाना बना लिया है। ऐसे में रायबरेली के आसपास के जनपदों में भी पुलिस दबिश देने की योजना बना रही है। वहीं, फर्जी आधारकार्डों को निरस्त करनेे की प्रक्रिया भी शुरू की है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि 130 आधार कार्डों की रसीद मिली है, लेकिन और कितने फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए हैं।
फर्जी दस्तावेज से आधार कार्ड बनाए जाने के मामले में डीह पुलिस ने बृहस्पतिवार को यूनियन बैंक आफ इंडिया मऊ के कर्मचारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बैंक कर्मचारी की आईडी पासवर्ड से मोबाइल दुकानदार रायबरेली में आधार कार्ड बनाने का कार्य कर रहे थे। मामलेे में पूरे कोलऊ मजरे मऊ निवासी अरविंद, गोपालपुर गांव निवासी शत्रुघ्न, सलोन कस्बा निवासी शहबाज आलम, धीरेंद्र शर्मा, अभिषेक कुमार और मऊ जिले के बबुआपुर रकवाडीह सरायखंसी निवासी अनुज यादव और कुछ अन्य व्यक्ति नाम पता अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी और अनुज यादव, अरविंद, शत्रुघ्न को गिरफ्तार किया गया था।
इस पूरे नेटवर्क को शहबाज आलम और उसके साथी चला रहे थे। सलोन में पिछले साल जब 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले का खुलासा हुआ था तो उसका मास्टरमाइंड जीशान था, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं जीशान और शहबाज आलम के बीच कोई कनेक्शन तो नहीं था। असल में सलोन में काफी समय से फर्जी दस्तावेज बनाने के रैकेट सक्रिय है। जीशान की गिरफ्तारी के बाद से खुफिया विभाग और एटीएस को सक्रिय हुई तो बड़ी कार्रवाई की गई, लेकिन चोरी छिपे अभी भी फर्जी दस्तावेज बनाने के काम चल रहा है। इसी का नतीजा है कि शिविर लगाकर फर्जी दस्तावेज के सहारे फर्जी आधार कार्ड बन रहे थे। बछरावां में भी ऐसा ही एक मामला पकड़ में आया था, जिसमें जनसुविधा केंद्र के संचालक को पकड़ा गया था।
रिश्तेदारों के साथ करीबियों पर नजर
शहबाज आलम की गिरफ्तारी पुलिस के अहम मानी जा रही है। उसके गिरफ्तार होने के बाद पता लग सकेगा कि फर्जीवाड़े की कड़ी कहां से कहां तक जुड़ी है। कौन लोग इसमें शामिल हैं और मास्टरमाइंड कौन है जो सलोन क्षेत्र में बराबर फर्जीवाड़ा की पकड़ बनाए हुए है। एसएसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई हैं। जो फर्जी आधार कार्ड बने गए हैं, उनको निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।