दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को संसदीय क्षेत्र आईं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में पीएमजीएसवाई की सड़कों के लिए बजट न देने पर केंद्र सरकार की निंदा की।
उन्होंने पिछली बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ हुए निंदा प्रस्ताव को भेजने का निर्णय भी लिया और मामलों को संसद में उठाने का भरोसा दिया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय के अनुरोध पर सोनिया ने प्रदेश में लोहिया आवास की तरह इंदिरा आवास की लागत बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने पेश करने की बात की।
लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर एंबुलेंस, टॉयलेट, स्ट्रीट लाइट का काम 31 अक्तूबर तक पूरा न होने पर टोल न देने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि ओलावृष्टि के एवज में प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से का बजट देकर किसानों में मुआवजे का वितरण किया है। लेकिन केंद्र सरकार अपना हिस्सा नहीं दे रही है।
जिससे सभी किसानों तक मुआवजा नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोहिया आवास में तीन लाख रुपये देती है। लेकिन केंद्र सरकार इंदिरा आवास के लिए मात्र 70 हजार रुपये देती है।
ऐसे में आवास पूरा नहीं हो पाता है। मंत्री के प्रस्ताव को सांसद सोनिया ने स्वीकार करते हुए सदन में इंदिरा आवास की लागत बढ़ाने के प्रस्ताव को संसद में रखने का भरोसा दिया।
साथ ही किसानों के मुआवजे के संबंध में भी केंद्र से बात करने की बात कही। जिले के साथ हो रही उपेक्षा के मामले में सोनिया ने कहा कि इस संबंध में पहले ही पत्र लिखा गया है। अब फिर से मोदी सरकार से बात की जाएगी।
मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रायबरेली को स्मार्ट सिटी बनवाने की बात कही है। उन्होंने प्राथमिकता पर रायबरेली को शामिल करने का भरोसा दिया है।
हरचंदपुर विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह ने भी योजनाओं को पूरा कराने में केंद्र सरकार की ओर से की जा रही ढिलाई के मामले को उठाया। एमएलसी दिनेश सिंह ने भी जिले की कई समस्याओं को सदन में उठाया।
कई और विधायकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विनय द्विवेदी ने बताया कि पीएमजीएसवाई के लिए जिले को हर साल 70 से 75 करोड़ मिलते थे, लेकिन इस साल मात्र पांच करोड़ रुपये मिले हैं।
इस बजट से सड़कों की मरम्मत भी नहीं हो पाएगी। केंद्र के इस असहयोग पर सांसद ने केंद्र सरकार की निंदा की है। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ पास किए गए निंदा प्रस्ताव को आज की बैठक में केंद्र को भेजने का निर्णय लिया गया।