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रायबरेली आरटीओ दफ्तर का कारनामा, तिवारी को बना दिया त्रिपाठी

Tue, 30 Oct 2018 10:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
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रायबरेली का आरटीओ दफ्तर
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रायबरेली जिले के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में किस कदर लापरवाही से काम हो रहा है इसकी बानगी हाल ही में देखने को मिली। यहां एक युवक ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं, फिर भी उसे दफ्तर के चक्कर लगाने से मुक्ति नहीं मिल सकी।

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दरअसल आरटीओ कार्यालय ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस में उसका उपनाम और पता ही गलत छाप दिया। युवक ने जब मामले की शिकायत की तो उसे नजरअंदाज किया गया। अंततः युवक ने सोशल मीडिया का सहारा लिया, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

 





उल्लेखनीय है कि रायबरेली आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों का जमघट लगा रहता है और जो भी व्यक्ति बिना दलाली के सीधे काम कराने की कोशिश करता है, उसके साथ कोई न कोई परेशानी आ ही जाती है। यहां आने वाले लोगों का भी यही दर्द है। 
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उनका कहना है कि आरटीओ दफ्तर में बिना सांठगांठ के कोई भी काम नहीं हो पाता है। दलालों के जरिये आने वाले काम हमेशा प्राथमिकता के साथ समय पर पूरे हो जाते हैं। वहीं ईमानदार लोग इंतजार करते रहते हैं। 

इस युवक ने भी जब लाइसेंस में हुई गलती पर कर्मचारियों का ध्यान आकर्षित किया तो जवाब मिला कि दोबारा आवेदन कर दो। एक ही काम के लिए दो बार आवेदन और दो बार फीस देना विभागीय लापरवाही की पराकाष्ठा ही कही जा सकती है। युवक ने आरटीओ दफ्तर में जो भी दस्तावेज जमा किये थे, वे सभी अमर उजाला के पास मौजूद हैं।

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