रायबरेली जिले के चर्चित आदित्य प्रताप सिंह हत्याकांड का मंगलवार को फैसला आ गया। जिला जज अमित पाल सिंह ने हत्याकांड में शामिल सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त किया गया। कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के माथे पर पसीना रहा।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी आदित्य प्रताप सिंह पुत्र प्रदीप कुमार सिंह डी फार्मा के छात्र थे। 9 अक्तूबर 2019 की शाम को वह मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतापुर स्थित सोमू ढाबा पर अपने साथियों के साथ खाना खाने गए थे। इस दौरान बिल के भुगतान को लेकर विवाद हुआ और ढाबा मालिक व मुख्य आरोपी सुरेश यादव ने साथियों के साथ मिलकर आदित्य और उसके साथियों को ढाबे के भीतर जमकर पीटा था। इसके बाद जब आदित्य जान बचाकर घर की ओर बाइक से जाने लगे तो हरदासपुर से पास दो लग्जरी वाहन सवार हमलावरों ने बाइक को ओवरटेक कर आदित्य की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को हरचंदपुर के गढ़ी खास गांव के पास फेंक दिया था। 10 अक्तूबर को पुलिस ने आदित्य का शव सड़क किनारे से बरामद किया था। इस हत्याकांड में आदित्य के पिता प्रदीप कुमार सिंह ने हरचंदपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस घटना ने प्रदेश की सियासत को भी गर्म कर दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन एसपी स्वप्निल ममगाई ने एसओजी के साथ पुलिस टीम को हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया था। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन ही रतापुर निवासी व मुख्य आरोपी सुरेश यादव, भदोखर थाना क्षेत्र के मिश्रन का पुरवा मजरे सुलखियापुर निवासी विनोद कुमार, मिलएरिया क्षेत्र के देवानंदपुर निवासी सुमेर उर्फ राम सुमेर, झुरहा उर्फ जयचंद, शहर के तेलियाकोट निवासी सौरभ शर्मा, रतापुर भरतपुरम निवासी मानू कुमार और अशरफाबाद थाना महराजगंज निवासी अभितेज सिंह को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पुलिस को मालूम चला था कि खाना खाने के बाद बिल पेमेंट को लेकर विवाद होने के बाद आदित्य की हत्या की गई थी।
इस मामले में फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल के साथ सोमू ढाबा का निरीक्षण किया था। साथ ही पुलिस के खुफियातंत्र ने 16 लोगों के हत्याकांड में शामिल होने की जानकारी दी थी। इसके बाद ताबड़तोड़ छापामारी के बाद पुलिस ने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रताप यादव उर्फ आरपी सिंह यादव, रमेश यादव, अंकित यादव, हर्षित वर्मा, लवकुश कुमार , गयाबक्श सिंह, अतुल तिवारी, सचिन कुमार सोनी, राम कृष्ण यादव उर्फ आरके को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। वहीं दिसंबर 2019 में सभी आरोपियों को बरेली, शाहजहांपुर और हरदोई जिला कारागार भेज दिया गया था। पिछले डेढ़ साल से सभी 16 आरोपी जमानत पर थे।
इस मामले में शासन के निर्देश पर विशेष पैरवी के लिए सुरेश प्रताप सिंह को विशेष अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था। मंगलवार को सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आदित्य सिंह हत्याकांड में आरोपी सुरेश यादव, राम प्रताप यादव, रमेश यादव, अंकित यादव, हर्षित वर्मा, लवकुश कुमार, गयाबक्श सिंह, मानू कुमार बारी, विनोद कुमार, सुमेर उर्फ राम समेर, झुरहा उर्फ जयचंद, सौरभ शर्मा, अतुल तिवारी, सचिन कुमार सोनी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ 35-35 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य को अभाव में राम कृष्ण यादव उर्फ आरके व अभितेज सिंह को दोषमुक्त कर दिया। सजा सुनाए जाने के बाद सभी 14 आरोपियों को जिला विशेष सुरक्षा के बीच जिला कारागार लाया गया, जहां पर उनका मेडिकल चेकअप हुआ। कोर्ट के फैसले पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव ने मीडिया के सामने कहा कि वह हाईकोर्ट जाएंगे। समय बदलेगा, इस मामले में बहुत लोग लगे हुए थे। न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते हैं।