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Raebareli News: एमडीएम की गुणवत्ता पर सवाल, बेस्वाद सब्जी, पतली दाल

Wed, 25 Feb 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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परशदेपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोपालीपुर में जमीन पर बैठकर भोजन करते बच्चे।
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रायबरेली। स्कूलों में एमडीएम का खाना कतई खाने लायक नहीं है। सब्जी अक्सर बेस्वाद बनती है और दाल में पानी भरा रहता है। बच्चे जैसे-तैसे मुंह बनाकर रोज खाना खाते हैं। वहीं विभागीय अफसर जांच की बात कह रहे हैं।
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों के पठन-पाठन के साथ उनके खानपान का ख्याल रखने का भी आदेश है। यही कारण है कि बच्चों को हर दिन मेन्यू के अनुरूप मध्याह्न भोजन दिया जाता है। लेकिन जिले में मिड-डे मील योजना बस घिसट रही है। इस भोजन से बच्चों के अच्छी सेहत का दावा हवाहवाई साबित हो रहा है।
मजे की बात तो ये है कि शिक्षक बच्चों को परोसे जा रहे भोजन को बिल्कुल सही बता रहे हैं। पानी मिली दाल और बेस्वाद सब्जी पर सवाल करने पर जवाब दिया जाता है कि ऐसा कुछ नहीं है। जितना मानक तय है, उसी के अनुरूप खाना बन रहा है। उधर रसोईयों का कहना है कि जितनी मात्रा सब्जी और दाल की मिलती है, वह उसी अनुरूप पका देती हैं।
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केस एक
दाल के नाम पर बीस दाने और बाकी सब पानी
परशदेपुर। विकास खंड छतोह क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को देने वाला मध्याह्न भोजन पूरी तरह मजाक बनकर रह गया है ।क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोपालीपुर में बच्चों में मंगलवार को मध्याह्न भोजन में बच्चों को मेन्यू के आधार पर दाल चावल देना था। हाल यह रहा कि दाल के नाम पर बीस दाने और पूरी दाल पानी से पकी दिखी। इस पर अभिभावकों में नाराजगी दिखी। यह विद्यालय तो एक बानगी है, असल में यह हाल अधिकतर विद्यालयों का है। मिड-डे मील के नाम पर केवल रस्म अदा की जा रही है और धनराशि को दाएं-बाएं किया जा रहा है। हालांकि प्रधानाध्यापक इंचार्ज कल्याण सिंह ने बताया कि मंगलवार को मेन्यू के आधार पर बच्चों को मध्याह्न भोजन में दाल चावल दिया गया है।
केस-दो
गुरुजी ने ही नाममात्र की दी थी दाल
रोहनिया। ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय उमरन में मध्याह्न भोजन की स्थिति बहुत ही घटिया रहती है। मंगलवार को मध्याह्न भोजन में मीनू के हिसाब से बच्चों को दाल चावल दिया गया। इसमें दाल की गुणवत्ता बेहद खराब रही । विद्यालय में पंजीकृत 121 बच्चों में 75 बच्चे उपस्थित रहे। रसोइया द्वारा जब बच्चों की थाली में दाल चावल परोसा गया तो दाल की मात्रा न के बराबर रही। पानी की मात्रा अधिक रही। रसोईया गुड्डन देवी ने बताया कि गुरुजी जितनी मात्रा में दाल देते हैं, उतने में ही उसे पकाया जाता है। घर से दाल लेकर तो बनाएंगे नहीं। इस बाबत जब खंड शिक्षा अधिकारी डॉ सत्य प्रकाश यादव से बात की गई तो बताया कि जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी ।
केस-तीन
बच्चों को पराेसी गई पानी मिली दाल
गदागंज रायबरेली विकासखंड दीन शाह गौरा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालपुर धई में मंगलवार को 252 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष सिर्फ 120 छात्र ही उपस्थित पाए गए। साथ ही मिड-डे मील में दाल चावल पकाया गया। जहां भी पानी मिली दाल बच्चों को परोसी गई। सूत्र बताते हैं कि मिड डे मील में बच्चों की संख्या कम रही, लेकिन मध्यान्न भोजन के आंकड़ों में संख्या पूरी दिखाई जाती है। इसी से मिड डे मील के राशन का खेल होता है। खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से पूछे जाने पर बताया गया कि रमजान वा होली के त्योहार की वजह बच्चों की संख्या कम हुई है।
इनसेट
जिले के परिषदीय स्कूलों पर नजर
प्राथमिक विद्यालय- 1675
उच्च प्राथमिक विद्यालय- 323
कंपोजिट स्कूल- 300
छात्र-छात्राओं की संख्या-1.94 लाख
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वर्जन
मैंने अभी तक जिन स्कूलों का निरीक्षण किया है। वहां पर मिड-डे मील गुणवत्ता के अनुरूप मिला है। यदि सवाल उठ रहे हैं तो उसकी जांच कराएंगे। सभी शिक्षकों को निर्देेश दिए गए हैं कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
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राहुल सिंह, बीएसए
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