टीईटी अनिवार्यता के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताते शिक्षक।
रायबरेली। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने शिक्षण कार्य, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी तथा बीआरसी प्रशिक्षण में काली पट्टी के साथ सहभागिता कर सरकार के निर्णय के खिलाफ आक्रोश जताया। साथ ही 26 फरवरी को विकास भवन में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर सरेनी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षक अपने भविष्य को लेकर भय और असुरक्षा की भावना से ग्रसित है। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग मानसिक दबाव झेल रहा है, किंतु सरकार इस पीड़ा के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रही है। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने बताया कि 26 फरवरी को जनपद के शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेकर विकास भवन में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में अध्यक्ष जिला संघर्ष समिति पंकज द्विवेदी, जिला मंत्री मुकेश चंद्र द्विवेरी, सिया राम सोनकर, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, शिवशरण सिंह, संगठन मंत्री संदीप बाजपेई, नीरज शुक्ला, संयुक्त मंत्री डॉ. चंद्र मणि बाजपेई, सरेनी अध्यक्ष राकेश द्विवेदी सहित पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।