रायबरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी समूह की महिलाएं गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन के सामने धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर वसूली और काम से हटाने का आरोप लगाया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि 15-15 हजार रुपये वसूलने के बाद भी प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन के सामने कुसुमलता शुक्ला, रूबी, अफसरी बेगम, शबाना, शांती देवी, धन्नो, धनपत, दुर्गावती, संगीता ने गुरुवार की सुबह धरने पर बैठ गईं।
आरोप लगाया कि उनके समूह को एनआरएलएम से जोड़ा गया था। वे काम भी कर रही थीं, लेकिन ब्लॉक मिशन प्रबंधक ने वसूली के चक्कर में अपने चहेतों को काम दे दिया। आरोप लगाया कि उन लोगों से भी रुपये वसूले गए, लेकिन जिन महिलाओं ने ज्यादा पैसे दिए, उन्हें काम दिया गया। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
छह सदस्यीय टीम करेगी आरोपों की जांच
एनआरएलएम के उपायुक्त आदित्य कुमार ने बताया कि समूह की महिलाओं ने सलोन के ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर वसूली का आरोप लगाया है। कई और आरोप लगाए गए हैं। मामले में वे स्वयं जांच करेंगे। जांच में छह सदस्यों को शामिल किए गए हैं। जिला समन्वयक, लिपिक, बीडीओ और एडीओ की मौजूदगी में सलोन पहुंचकर मामले की जांच की जाएगी। समूह की संबंधित महिलाओं को बुलाकर उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।