कॉर्पोरेशन अपनी और अफसरों की इस नाकामी से होने वाले इस घाटे को पूरा करने के लिए लगातार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी करता जा रहा है। इससे जनता में नाराजगी है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि लाइन लॉस को रोक लिया जाए तो घाटा पूरा करने के लिए उन पर बोझ नहीं बढ़ेगा। अमर उजाला से बातचीत में उपभोक्ताओं ने बिजली की दरों में वृद्धि पर नाराजगी जाहिर की।
उनका कहना है कि इस वृद्धि का असर घर के बजट पर पड़ेगा। इंदिरानगर निवासी रिटायर्ड अवर अभियंता एसके वर्मा कहते हैं कि विभागीय खामियों का बोझ जनता के सिर थोप दिया गया है।
लाइन लॉस अधिकतम 11 फीसदी होना चाहिए जबकि यहां 40 फीसदी तक हो रही है। इसको कम कर दिया जाए तो आज पावर कॉर्पोरेशन को बिजली मंहगी करने की जरूरत नहीं पडे़गी।
फिरोज गांधी नगर की रहने वाली उर्मिला सिंह बिजली के दाम बढ़ने से खफा हैं। कहती हैं कि करोड़ों का बिजली बिल बड़े लोगों पर बकाया है लेकिन उनसे वसूली करके घाटा कम करने के बजाय आम उपभोक्ताओं के दाम बढ़ा दिए।
इतनी महंगाई में बिजली के दाम बढ़ाना कतई उचित नहीं है। अब दूसरे खर्चों में कटौती करके बिल भरना पड़ेगा। इसके लिए सोचना पड़ेगा।