रायबरेली। शासन के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चल रहे 33 साल पुराने एक आपराधिक मामले को वापस लेने की तैयारी शुरू हो गई है। विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह ने मंगलवार को विशेष कोर्ट (एमपी-एमएलए) में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मुकदमा वापस लेने की याचना की है।
अब मामले में 5 नवंबर को सुनवाई होगी। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में करीब 33 साल पहले 30 जून 1987 को फायर सर्विस के तत्कालीन हेड कांस्टेबल राम स्वरूप उपाध्याय ने स्वामी प्रसाद मौर्य व 22 अन्य लोगों के खिलाफ बलवा व हत्या करने की कोशिश आदि का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया था।
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई थी, जब मुकदमा वादी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से ड्राइवर राम शंकर श्रीवास्तव के साथ पेट्रोल लेने जा रहा था और मुराई बाग चौराहे पर लोकदल (ब) के कार्यकर्ता सड़क जाम कर आंदोलन कर रहे थे। तब स्वामी प्रसाद मौर्य लोकदल (ब) के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य थे।