रायबरेली। छंटनी समेत अन्य समस्याओं के विरोध में विद्युत उपकेंद्रों पर काम करने वाले संविदा कर्मियों ने मंगलवार से कामकाज ठप करने की चेतावनी दी है। ऐसेे में जिले भर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा सकती है। इससे निपटने के लिए अभियंताओं ने कोई तैयारी नहीं की है। इसके चलते फाल्ट होने पर उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ेगा।
जिले के सभी 54 विद्युत उपकेंद्रों के संचालन व अनुरक्षण के लिए करीब एक हजार से ज्यादा संविदा कर्मी तैनात हैं। इन उपकेंद्रों पर वर्ल्ड क्लास सर्विसेज एजेंसी ने कर्मचारियों को रखे हैं। टेंडर के हिसाब से एजेंसी ने करीब 400 कर्मचारियाें की छंटनी कर दी है।
छंटनी के विरोध में संविदा कर्मी खफा है। कई बार धरना-प्रदर्शन के बावजूद बात नहीं बनी। इसके विरोध में निविदा संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस दौरान कोई कर्मचारी कामकाज नहीं करेगा।
मैन पावर उपलब्ध कराने के लिए लिखा पत्र
कार्यदायी एजेंसी को मैन पावर उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है। इसके अलावा विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों से बिजली आपूर्ति में सहयोग के लिए कहा गया है। टीजी टू कर्मचारियों को उपकेंद्रों पर देखरेख के लिए लगाया गया है।
-मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल द्वितीय
हड़ताल पर गए तो होंगे बाहर
हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। टेंडर के हिसाब से इनकी तैनाती की गई है। इनकी अन्य समस्याओं को दूर किया जाएगा। काम करने वाले कर्मियों को हड़ताल न करने की चेतावनी दी गई है।
-प्रदीप कुमार, सुपरवाइजर, वर्ल्ड क्लास सर्विसेज
धमकी से नहीं डरेंगे, किया जाएगा संघर्ष
सालों से काम करने वाले संविदा कर्मियों को हटाना गलत है। छंटनी के अलावा अभी तक किसी कर्मचारी को जॉइनिंग लेटर तक नहीं दिया गया। ऐसे में किस कर्मचारी को हटाएंगे। मांगों के विरोध में हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। हड़ताल के दौरान कोई कर्मचारी काम नहीं करेगा।
-डीके सिंह जिलाध्यक्ष, निविदा संविदा कर्मचारी संघ