रायबरेली। जिले में सोमवार तड़के हुई बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। ग्रामीण क्षेत्र के खीरों विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 गांवों की बिजली 16 घंटे तक गुल रही। शहर के 40 हजार उपभोक्ता भी बिजली की आवाजाही से परेशान रहे।
मौरावां से आने वाली 33 किलोवोल्ट लाइन में खराबी आई, जिसके बाद उपकेंद्र से निकले पोषक लाइनों में भी समस्या हुई। बिजली बंद होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। शहर के कल्लू का पुरवा मोहल्ले में सुबह नौ बजे एक बिजली उपकरण खराब होने से बिजली गुल हो गई। कर्मचारियों ने एक घंटे में इसे ठीक कर सुबह 10 बजे बिजली बहाल की।
फिरोज गांधी पोषक लाइन पर पेड़ गिरने से सुबह छह से आठ बजे तक बिजली प्रभावित रही। अवर अभियंता कमल किशोर यादव ने बारिश के चलते लाइनों में खराबी आने की पुष्टि की। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बहाली खीरों उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में रविवार रात 12 बजे खराबी आई थी। इससे खीरों सहित नौ पोषक लाइनों से जुड़े 150 गांवों की बिजली गुल हो गई।
सोमवार सुबह कर्मचारियों ने खराबी खोजना शुरू किया। दोपहर बाद तीन बजे खराबी ठीक हुई, लेकिन 11 केवी पोषक लाइनों में समस्या बनी रही। कर्मचारियों को खराबी खोजने और मरम्मत करने में परेशानी हुई, जिसके बाद शाम छह बजे तक सभी गांवों की बिजली बहाल हो सकी। उपभोक्ताओं ने बताया कि जर्जर तारों के कारण मामूली बारिश में भी बिजली गुल हो जाती है।
कटौती से खफा लोगों ने किया प्रदर्शन
सरेनी। बिजली की अघोषित कटौती से खफा उपभोक्ताओं ने सोमवार को बिजली सत्याग्रह का बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने अधीक्षण अभियंता को संबाेधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी पीयूष सिंह को सौंपा। उपभोक्ता अभिनव तिवारी संगम, प्रभात सिंह, सर्वेश कुमार, बृजपाल, मोहम्मद नईम, विनय वर्मा, पप्पू शुभम सिंह, राजेश कुमार, पवन त्रिवेदी, अंकित त्रिवेदी, सुमित कुमार, अकरम ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली उपकरण भी ठीक से काम नहीं करते हैं। उपखंड अधिकारी ने समस्या दूर कराने का भरोसा दिया। इस पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।